AGRICULTURE

Farming – उन्नत भिंडी खेती से सारण के किसानों की बढ़ी आमदनी

Farming – बिहार के सारण जिले में खेती का तरीका तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। यहां के किसान अब केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर नहीं रह गए हैं, बल्कि नई तकनीकों और उन्नत बीजों की मदद से सब्जी उत्पादन में बेहतर कमाई कर रहे हैं। खासकर भिंडी की आधुनिक खेती ने कई किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और बाजार की बढ़ती मांग ने किसानों को नई दिशा दी है।

Farming saran bhindi profit growth

कम खर्च में बेहतर मुनाफा दे रही सब्जी खेती

गरखा प्रखंड के पहाड़पुर गांव निवासी सुरेंद्र राम इस बदलाव की एक मिसाल बनकर सामने आए हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में निराश होने के बजाय उन्होंने खेती को ही अपना पेशा बनाया। आज वे आधुनिक तरीके से हरी सब्जियों की खेती कर अच्छा लाभ कमा रहे हैं।

सुरेंद्र राम ने अपने लगभग डेढ़ एकड़ खेत में उन्नत किस्म की भिंडी की खेती की है। उनका कहना है कि इस फसल में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि उत्पादन काफी अच्छा मिलता है। रोजाना खेत से तैयार हो रही उपज स्थानीय मंडियों में अच्छे दाम पर बिक रही है। उनका अनुभव है कि बेहतर गुणवत्ता वाले बीज इस्तेमाल करने से फसल में रोग कम लगते हैं और पैदावार पहले की तुलना में अधिक होती है।

नई किस्मों ने किसानों का बढ़ाया भरोसा

सारण जिले में इन दिनों भिंडी की कुछ विशेष किस्में किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार राधिका, वीएनआर और सेमीनज जैसी वैरायटी यहां की जलवायु और मिट्टी के लिए अनुकूल साबित हो रही हैं। इन किस्मों की खासियत यह है कि इन्हें अलग-अलग मौसम में भी उगाया जा सकता है।

कई किसानों का कहना है कि पारंपरिक बीजों की तुलना में इन नई किस्मों से उत्पादन अधिक मिलता है और बाजार में सब्जियों की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है। यही कारण है कि अब आसपास के गांवों के किसान भी आधुनिक बीजों की ओर रुख कर रहे हैं। खेती से कम समय में बेहतर आय मिलने की वजह से युवाओं की रुचि भी कृषि की ओर बढ़ रही है।

पढ़े-लिखे किसान बन रहे प्रेरणा

सुरेंद्र राम केवल भिंडी ही नहीं, बल्कि बैंगन, बरबटी, लौकी और गोभी जैसी कई सब्जियों की खेती भी करते हैं। खेती से होने वाली आय के जरिए वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दे पा रहे हैं।

उनका मानना है कि यदि किसान सही जानकारी और वैज्ञानिक तरीके अपनाएं तो खेती लाभकारी व्यवसाय बन सकती है। गांव के अन्य किसान भी अब उनसे सलाह लेने पहुंच रहे हैं। स्थानीय स्तर पर ऐसे उदाहरणों ने यह संदेश दिया है कि आधुनिक खेती युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत विकल्प बन सकती है।

कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से बदल रही तस्वीर

कृषि विभाग और स्थानीय वैज्ञानिकों की ओर से किसानों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें उन्नत बीज चयन, सिंचाई प्रबंधन और रोग नियंत्रण जैसी जानकारी शामिल होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सारण की उपजाऊ मिट्टी सब्जी उत्पादन के लिए काफी उपयुक्त है।

वैज्ञानिकों के अनुसार बेहतर तकनीक अपनाने से उत्पादन के साथ गुणवत्ता भी सुधरती है, जिससे किसानों को बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं। यही वजह है कि अब जिले में नकदी फसलों की खेती तेजी से बढ़ रही है और किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक कृषि को अपना रहे हैं।

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