AGRICULTURE

MangoSpecial – स्वाद और खुशबू से खास है दक्षिण भारत का इमाम पसंद आम

MangoSpecial – गर्मियों के मौसम में आम की कई किस्में बाजार में दिखाई देती हैं, लेकिन कुछ वैरायटी ऐसी होती हैं जो अपने स्वाद, खुशबू और खास पहचान की वजह से अलग स्थान रखती हैं। इन्हीं में शामिल है इमाम पसंद आम, जिसे कई लोग आमों का शाही फल भी मानते हैं। दक्षिण भारत में उगाई जाने वाली यह खास किस्म अब देश के दूसरे हिस्सों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

Imam pasand mango famous for taste and aroma

अपने मुलायम गूदे और मीठे स्वाद के कारण यह आम लंबे समय से लोगों की पसंद बना हुआ है। फल विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी सुगंध और टेक्सचर इसे बाकी आमों से अलग बनाते हैं। यही वजह है कि प्रीमियम आमों की सूची में इसका नाम प्रमुखता से लिया जाता है।

दक्षिण भारत से जुड़ी है खास पहचान

इमाम पसंद आम मुख्य रूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उगाया जाता है। कई कृषि विशेषज्ञ इसे दक्षिण भारत की पारंपरिक और ऐतिहासिक आम किस्मों में शामिल करते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे हिमायत या हिमायुद्दीन नाम से भी जाना जाता है।

मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के अनुसार, यह आम अपनी बनावट और स्वाद के कारण खास पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि इसका गूदा बेहद मुलायम होता है और खाने में मक्खन जैसा एहसास देता है। इसी विशेषता ने इसे प्रीमियम फल बाजार में अलग स्थान दिलाया है।

स्वाद और खुशबू ने बढ़ाई लोकप्रियता

फल बाजार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि इमाम पसंद आम की सबसे बड़ी खासियत इसकी मीठी सुगंध और रिच फ्लेवर है। आम की अन्य किस्मों की तुलना में इसका स्वाद अधिक गाढ़ा और लंबे समय तक याद रहने वाला माना जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि यह आम जल्दी पकता है और काफी नाजुक होता है। यही कारण है कि इसकी पैकिंग और परिवहन में विशेष सावधानी बरती जाती है। इसके बावजूद हर साल इसकी मांग बढ़ती जा रही है, खासकर उन लोगों के बीच जो प्रीमियम और पारंपरिक स्वाद वाले फलों को पसंद करते हैं।

शाही इतिहास से जुड़ा बताया जाता है नाम

इमाम पसंद आम को लेकर कई ऐतिहासिक कथाएं भी प्रचलित हैं। माना जाता है कि मुगल काल में यह फल खास दरबारों में पसंद किया जाता था। कुछ इतिहासकारों का दावा है कि यह आम बादशाह हुमायूं को बेहद प्रिय था, जिसके कारण इसे हुमायूं पसंद नाम से भी जाना गया।

फल विशेषज्ञों के अनुसार, ‘इमाम’ शब्द धार्मिक या सम्मानित व्यक्ति को दर्शाता है, जबकि ‘पसंद’ का अर्थ प्रिय होता है। माना जाता है कि किसी प्रभावशाली धार्मिक नेता या शाही व्यक्ति की पसंद बनने के बाद इस आम को यह नाम मिला।

बाजार में बढ़ रही प्रीमियम आमों की मांग

हाल के वर्षों में भारत में प्रीमियम आमों की मांग तेजी से बढ़ी है। ऑनलाइन फल बिक्री प्लेटफॉर्म और हाई-एंड मार्केट में इमाम पसंद जैसी किस्मों की लोकप्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। ग्राहक अब सिर्फ मिठास ही नहीं बल्कि फल की गुणवत्ता, सुगंध और पारंपरिक पहचान को भी महत्व दे रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि यह आम सामान्य किस्मों की तुलना में महंगा बिकता है, लेकिन इसके बावजूद इसकी मांग बनी रहती है। कई लोग इसे उपहार के रूप में भी खरीदना पसंद करते हैं।

खेती और संरक्षण पर भी ध्यान

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक आम किस्मों को संरक्षित करना जरूरी है। बदलते मौसम और खेती के तरीकों के बीच कई पुरानी वैरायटी धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं। ऐसे में इमाम पसंद जैसे फलों की खेती को बढ़ावा देना किसानों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, सही देखभाल और बेहतर सप्लाई चेन के जरिए इस किस्म को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में और मजबूत पहचान मिल सकती है।

Back to top button