SELF EMPLOYMENT

ModernFarming – रेगिस्तान में ककड़ी की खेती से किसान को मिली बड़ी सफलता

ModernFarming – राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक किसान ने कठिन जलवायु और सीमित संसाधनों के बावजूद खेती में ऐसा प्रयोग किया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। मिठड़ी गांव के किसान उम्मेदाराम प्रजापत ने रेतीली जमीन में ककड़ी की खेती कर यह साबित कर दिया कि सही तकनीक अपनाकर किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। उनकी इस पहल ने क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए नई राह खोल दी है।

Modern farming desert cucumber success story

हाइब्रिड बीज से शुरू हुई नई पहल

उम्मेदाराम ने पारंपरिक बीजों के बजाय जयपुर से हाइब्रिड बीज मंगवाए, जिनकी कीमत करीब 12 हजार रुपये प्रति किलो बताई जाती है। महंगे होने के बावजूद उन्होंने इन बीजों को इसलिए चुना क्योंकि इनसे बेहतर उत्पादन की संभावना थी। सही योजना और तैयारी के साथ उन्होंने तीन बीघा जमीन में ककड़ी की खेती शुरू की, जो बाद में सफल साबित हुई।

मल्चिंग और ड्रिप तकनीक का मिला लाभ

खेती में उन्होंने आधुनिक तरीकों जैसे मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई का इस्तेमाल किया। मल्चिंग से मिट्टी की नमी बनी रहती है और खरपतवार कम उगते हैं, जबकि ड्रिप सिस्टम से पानी की बचत के साथ पौधों को जरूरत के मुताबिक सिंचाई मिलती है। इन तकनीकों की वजह से कम पानी में भी फसल अच्छी तरह तैयार हो पाई, जो रेगिस्तानी इलाके के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

भीषण गर्मी में भी लगातार उत्पादन

जहां आमतौर पर गर्मी और पानी की कमी खेती के लिए बड़ी बाधा होती है, वहीं उम्मेदाराम रोजाना करीब 4 क्विंटल ककड़ी का उत्पादन कर रहे हैं। यह परिणाम दिखाता है कि सही तकनीक और मेहनत के दम पर कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर पैदावार हासिल की जा सकती है। उनकी फसल की गुणवत्ता भी अच्छी है, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।

जैविक खाद से बढ़ी पैदावार

उन्होंने रासायनिक खाद की बजाय जैविक खाद का इस्तेमाल किया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ। बताया जा रहा है कि इससे पैदावार में लगभग डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी देखने को मिली। साथ ही इससे मिट्टी की सेहत भी बेहतर बनी रहती है, जो लंबे समय तक खेती के लिए फायदेमंद है।

बाजार में मिल रहा अच्छा दाम

उम्मेदाराम की उगाई ककड़ी बाड़मेर मंडी में अच्छी कीमत पर बिक रही है। बेहतर गुणवत्ता और ताजगी के कारण व्यापारी भी इसे पसंद कर रहे हैं। कम लागत और ज्यादा उत्पादन के चलते उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए नई दिशा

यह मॉडल सिर्फ एक किसान की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक उदाहरण बनकर उभरा है। पानी की कमी और कठोर मौसम वाले इलाकों में भी आधुनिक तकनीकों के जरिए खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। उम्मेदाराम की पहल यह संदेश देती है कि बदलाव अपनाकर खेती में नए अवसर तलाशे जा सकते हैं।

Back to top button