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Agriculture Success Story – गन्ने की खेती से किसान ने बदली आर्थिक तस्वीर, पढ़ें किसान की जोश भर देने वाली कहानी

Agriculture Success Story – उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक किसान ने आधुनिक तरीके से गन्ने की खेती अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। पारंपरिक खेती में सीमित मुनाफे से परेशान रहने वाले इस किसान ने समय के साथ खेती का तरीका बदला और आज उनकी पहचान क्षेत्र के सफल किसानों में होने लगी है। उनकी कामयाबी आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का कारण बन रही है।

Sugarcane farming changed farmer economy

पारंपरिक खेती से नहीं मिल रहा था संतोषजनक लाभ

गोंडा जिले के रुपईडीह विकासखंड स्थित उसरैना गांव के रहने वाले किसान कुशल पाल तिवारी ने बताया कि शुरुआती दौर में वह सामान्य फसलों की खेती करते थे। खेती में मेहनत अधिक लगती थी, लेकिन लागत के मुकाबले आमदनी सीमित रहती थी। बढ़ती कृषि लागत और बाजार की अनिश्चितता के कारण आर्थिक संतुलन बनाए रखना आसान नहीं था।

उन्होंने बताया कि इसी दौरान उन्होंने दूसरी फसलों पर भी प्रयोग किया। कुछ समय तक मेंथा की खेती की गई, लेकिन बाजार में सही कीमत नहीं मिलने के कारण अपेक्षित लाभ नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने गन्ने की खेती को गंभीरता से अपनाने का निर्णय लिया।

आसपास के किसानों से मिली नई दिशा

कुशल पाल तिवारी के अनुसार, गांव और आसपास के इलाकों में कई किसान गन्ने की खेती कर रहे थे और उनकी आय अपेक्षाकृत बेहतर थी। इसे देखते हुए उन्होंने शुरुआत में कम जमीन पर गन्ना बोया। धीरे-धीरे उत्पादन और लाभ बढ़ता गया, जिसके बाद उन्होंने खेती का दायरा भी बढ़ा दिया।

उन्होंने कृषि विभाग और अनुभवी किसानों से खेती की नई तकनीकों की जानकारी ली। आधुनिक तरीकों को अपनाने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार देखने को मिला। वर्तमान समय में वह करीब 25 बीघा भूमि पर गन्ने की खेती कर रहे हैं।

नई तकनीक से बढ़ा उत्पादन और मुनाफा

किसान कुशल पाल तिवारी पिछले करीब दो दशक से गन्ने की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआती वर्षों में खेती पारंपरिक तरीके से होती थी, लेकिन बाद में चीनी मिलों और कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने रिंग पिट और ट्रेंच विधि जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल शुरू किया।

इन तकनीकों के इस्तेमाल से पानी की बचत हुई, पौधों की बढ़वार बेहतर हुई और उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई। उनका कहना है कि आधुनिक खेती के कारण लागत नियंत्रित रखने में मदद मिली और प्रति एकड़ आय में सुधार हुआ।

खेती से बदली परिवार की आर्थिक स्थिति

कुशल पाल तिवारी ने बताया कि गन्ने की एक एकड़ खेती में लगभग 35 से 40 हजार रुपये तक खर्च आता है। वहीं, अच्छी पैदावार होने पर सालाना आय करीब डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच जाती है। वर्तमान में वह लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में खेती कर रहे हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि गन्ने की खेती से हुई कमाई से उन्होंने जमीन खरीदी, बच्चों की पढ़ाई पूरी कराई और परिवार की अन्य जरूरतों को भी पूरा किया। उनका मानना है कि यदि किसान सही जानकारी और तकनीक के साथ खेती करें तो कृषि आज भी अच्छा रोजगार बन सकती है।

कई मंचों पर मिल चुका है सम्मान

सफल खेती के कारण कुशल पाल तिवारी को कई संस्थानों द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। उन्हें मुख्यमंत्री किसान प्रशिक्षण योजना में ट्रेनर के रूप में सम्मान मिला है। इसके अलावा शाहजहांपुर स्थित गन्ना शोध संस्थान ने भी उनके कार्य की सराहना की।

हाल ही में आकाशवाणी लखनऊ पर उनकी सफलता की कहानी प्रसारित की गई, जहां उन्होंने खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उनका कहना है कि खेती में लगातार सीखना और नई तकनीकों को अपनाना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

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