Aquaculture – मत्स्य पालकों को बीमा सुरक्षा देने के लिए सरकार ने शुरू की बढ़ी पहल
Aquaculture – मछली पालन क्षेत्र से जुड़े किसानों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जलीय कृषि बीमा जागरूकता अभियान को गति दी है। इस पहल का मकसद मत्स्य पालकों को बीमा सुविधाओं के प्रति जागरूक करना और जोखिम की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

प्राकृतिक आपदाओं और बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा
मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मछली पालन व्यवसाय कई प्रकार के जोखिमों से प्रभावित होता है। मौसम की मार, जल प्रदूषण, रोगों का प्रकोप या अन्य अप्रत्याशित घटनाएं किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में बीमा सुविधा नुकसान की भरपाई में सहायक साबित हो सकती है।
सीधी जिले के मत्स्य निरीक्षक मयंक मिश्रा ने बताया कि सरकार ने इस उद्देश्य से विभिन्न बीमा उत्पाद उपलब्ध कराए हैं, ताकि मत्स्य पालक अपने व्यवसाय को अधिक सुरक्षित बना सकें।
डिजिटल पोर्टल के माध्यम से मिलेगी सुविधा
योजना के अंतर्गत नेशनल फिशरीज डिजिटल पोर्टल (NFDP) पर बीमा से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पात्र किसान और संस्थाएं इस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर बीमा योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। डिजिटल व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग योजना से जुड़ सकें।
प्रीमियम पर सरकार दे रही आर्थिक सहायता
योजना के तहत झींगा पालन करने वाले किसानों को बीमा प्रीमियम पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं सामान्य मत्स्य पालन बीमा में प्रीमियम राशि का 40 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी। इससे किसानों पर बीमा का आर्थिक बोझ कम होगा और वे आसानी से अपनी इकाइयों का बीमा करा सकेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इस सहायता का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना और किसानों का भरोसा बढ़ाना है।
जलक्षेत्र के आधार पर मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने बीमा से जुड़े प्रोत्साहन के लिए कुछ निर्धारित मानक तय किए हैं। प्रत्येक पात्र किसान को अधिकतम चार हेक्टेयर जलक्षेत्र तक बीमा सहायता का लाभ दिया जाएगा। इस मद में अधिकतम एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध हो सकती है। इससे बड़े और छोटे दोनों स्तर के मत्स्य पालकों को लाभ मिलने की संभावना है।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ उन मत्स्य पालकों को दिया जाएगा जो संबंधित विभाग में पंजीकृत हैं। इसके अलावा सहकारी समितियां और मछली किसान उत्पादक संगठन भी योजना के दायरे में शामिल किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक हितग्राहियों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराकर मत्स्य क्षेत्र को मजबूत बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीमा कवरेज बढ़ने से मछली पालन व्यवसाय में जोखिम कम होगा और किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता मिल सकेगी