DragonFruitFarming – ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को मिल रहा है बेहतर मुनाफा
DragonFruitFarming – देश के कई हिस्सों की तरह अब इस जिले में भी किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई और लाभकारी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है ड्रैगन फ्रूट की खेती, जो तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है। खास बात यह है कि इस खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग भी सक्रिय रूप से किसानों की मदद कर रहा है। विभाग की ओर से दी जा रही सब्सिडी और तकनीकी सहयोग के कारण किसान कम लागत में अच्छी आमदनी हासिल कर पा रहे हैं।

सब्सिडी से कम हुआ लागत का बोझ
ड्रैगन फ्रूट की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग किसानों को लागत का करीब 60 प्रतिशत तक अनुदान दे रहा है। इससे किसानों के लिए शुरुआती निवेश का दबाव काफी कम हो जाता है। यही वजह है कि अब अधिक किसान इस फसल को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। एक बार पौधे लगाने के बाद लंबे समय तक उत्पादन मिलता है, जिससे यह खेती आर्थिक रूप से स्थिर विकल्प बन रही है।
खेती से मिल रहा कई गुना लाभ
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट की खेती करने वाले कई किसानों ने अपेक्षा से अधिक मुनाफा हासिल किया है। मुरादाबाद के जिला उद्यान अधिकारी रमेश राणा ने बताया कि विभाग की पहल के बाद किसानों में इस खेती को लेकर जागरूकता बढ़ी है। कई किसान इस फसल के जरिए आत्मनिर्भर बन चुके हैं और लाखों रुपये की आय प्राप्त कर रहे हैं। एक महिला किसान का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि करीब 6 लाख रुपये की लागत से शुरू की गई खेती से उन्हें लगभग 14 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ हुआ।
संरचना और देखभाल से मिलती है बेहतर पैदावार
ड्रैगन फ्रूट की खेती में पौधों को सहारा देने के लिए विशेष संरचना तैयार करनी होती है। इसके लिए सीमेंट के पोल या पहियों का उपयोग किया जाता है, जिससे पौधे सही तरीके से बढ़ सकें। शुरुआती चरण में थोड़ी मेहनत और निवेश की जरूरत होती है, लेकिन इसके बाद फसल लंबे समय तक उत्पादन देती रहती है। यही कारण है कि किसान इसे दीर्घकालिक लाभ वाली खेती के रूप में देख रहे हैं।
आसान प्रक्रिया से मिल रहा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। आधार कार्ड, भूमि से जुड़े कागजात और मोबाइल नंबर के माध्यम से किसान आवेदन कर सकते हैं। विभाग की ओर से किसानों को पूरी प्रक्रिया में सहयोग दिया जाता है, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही, पौधों की उपलब्धता भी निर्धारित केंद्रों के माध्यम से सुनिश्चित की जाती है।
बढ़ता रुझान और बदलती सोच
उद्यान विभाग के प्रयासों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। धीरे-धीरे अधिक किसान इस नई खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पारंपरिक फसलों के मुकाबले बेहतर मुनाफा मिलने के कारण किसानों की सोच में बदलाव आ रहा है। वे अब जोखिम कम करते हुए ऐसी फसलों को अपना रहे हैं, जिनसे कम समय में बेहतर आय संभव हो सके।
आय बढ़ाने का बन रहा मजबूत जरिया
ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों के लिए दोहरा लाभ लेकर आ रही है। एक तरफ उन्हें बाजार में इस फल की अच्छी कीमत मिलती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी सब्सिडी से लागत कम हो जाती है। इस तरह यह खेती किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। आने वाले समय में इसके और अधिक विस्तार की संभावना जताई जा रही है।