Lemon Farming: गोंडा के इस किसान ने नींबू की खेती से बदली अपनी किस्मत, सालाना किया लाखों का कारोबार
Lemon Farming: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में कौन सा नींबू उगाया जाता है? सालाना लाखों का कारोबार। पहले चावल और गेहूं उगाने जैसे पारंपरिक कृषि (Traditional Agriculture) तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि, इसमें काफी लागत आती थी। चूंकि मेरी आय मामूली थी, इसलिए मैंने ऐसा व्यवसाय बनाने का फैसला किया जो कम खर्चीला हो और अधिक मुनाफा दे। मैंने नींबू उगाना शुरू किया, जिससे सालाना लाखों रुपये की कमाई होती है।

दूरदर्शी किसान शिवकुमार मौर्य ने बताया कि वह पहले पारंपरिक खेती करते थे। फिर मैंने सोचा कि मुझे कुछ कम खर्चीला काम करना चाहिए। मैंने नींबू उगाना शुरू किया, क्योंकि इसमें कम मेहनत लगती है। नींबू की फसल (Lemon Crop) कम खर्चीली होती है। पूरे साल बाजार में इसकी मांग बनी रहती है।
किस तरह का नींबू
शिवकुमार मौर्य के मुताबिक, पंत 1 किस्म का नींबू उपलब्ध है। इस नींबू को बेहतरीन किस्म माना जाता है। यह बेहतरीन फल भी देता है।
फल आने में कितने दिन लगते हैं?
शिवकुमार मौर्य के मुताबिक, रोपण के एक साल बाद पंत 1 किस्म का नींबू फल देना शुरू कर देता है। साल में दो बार इसमें फल लगते हैं। नींबू में औषधीय गुण (Medicinal Properties) होते हैं। इसे पक्षी नहीं खाते। इससे किसानों को अच्छा मुनाफा हो सकता है।
रोपण के कितने साल बाद आप फल की उम्मीद कर सकते हैं?
शिवकुमार मौर्य के अनुसार, आप इसे रोपण के बाद 15 से 20 साल तक काट सकते हैं। इसे ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत नहीं है। इसे कभी-कभी काटने की ज़रूरत होती है। ताकि फल स्वादिष्ट हों।
वह कितने बीघे में खेती कर रहे हैं?
शिवकुमार मौर्य के अनुसार, वह एक से डेढ़ बीघे में नींबू उगाते हैं। शिवकुमार मौर्य के अनुसार, एक साल में इसका टर्नओवर (Turnover) एक लाख से एक लाख बीस हज़ार रुपये के बीच है।

