Farming Success Story – पारंपरिक खेती छोड़ किसान ने सब्जी उत्पादन से बदली तस्वीर
Farming Success Story – मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड स्थित गोविंदपुर गांव के किसान राम इकबाल भगत ने खेती के क्षेत्र में ऐसा बदलाव किया, जिसने उनकी आर्थिक स्थिति को नई दिशा दे दी। धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों से सीमित आय मिलने के बाद उन्होंने खेती के तरीके में बदलाव का निर्णय लिया और सब्जी उत्पादन को अपना मुख्य व्यवसाय बना लिया। आज उनकी पहचान इलाके के प्रगतिशील किसानों में होती है और उनकी सफलता कई अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

नई सोच के साथ शुरू किया खेती का विस्तार
राम इकबाल भगत पिछले करीब आठ वर्षों से बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने खेती का क्षेत्र बढ़ाने के लिए आसपास के किसानों और भूमि मालिकों से जमीन लीज पर ली। वर्तमान में वे लगभग 30 एकड़ भूमि पर विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। खेती में आधुनिक तरीकों को शामिल करने के बाद उनकी उत्पादन क्षमता में लगातार सुधार हुआ है।
पारंपरिक फसलों से नहीं मिल रहा था अपेक्षित लाभ
राम इकबाल भगत बताते हैं कि पहले उनकी खेती धान और गेहूं तक सीमित थी। हालांकि इन फसलों में मेहनत और लागत अधिक लगती थी, लेकिन आमदनी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाती थी। इसी दौरान उन्होंने सब्जी उत्पादन की संभावनाओं पर ध्यान दिया और आधुनिक कृषि पद्धतियों का अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने मल्चिंग तकनीक सहित कई उन्नत उपायों को अपनाते हुए सब्जी खेती की शुरुआत की।
कई तरह की सब्जियों का हो रहा उत्पादन
वर्तमान में उनके खेतों में टमाटर, लौकी, नेनुआ, भिंडी, बैंगन, करेला, आलू और पत्तागोभी जैसी अनेक सब्जियां उगाई जा रही हैं। बेहतर प्रबंधन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के कारण उनकी उपज की मांग लगातार बनी रहती है। यही वजह है कि उनकी सब्जियां स्थानीय बाजारों के साथ-साथ आसपास के जिलों की प्रमुख मंडियों तक भी पहुंच रही हैं।
जिले से बाहर तक पहुंच रही उपज
राम इकबाल भगत के खेतों में तैयार होने वाली सब्जियां केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं हैं। उनकी उपज वैशाली और छपरा की मंडियों में भी भेजी जाती है। नियमित आपूर्ति और अच्छी गुणवत्ता के कारण उन्हें बाजार में संतोषजनक कीमत मिलती है। इससे उनकी आय में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और खेती एक स्थिर व्यवसाय के रूप में स्थापित हुई है।
खेती से बढ़ी आय और रोजगार के अवसर
सब्जी उत्पादन से राम इकबाल भगत को हर वर्ष सभी खर्चों के बाद लगभग 10 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त होता है। उनकी इस पहल का सकारात्मक असर गांव के अन्य लोगों पर भी पड़ा है। उनके खेतों में करीब 40 लोगों को नियमित काम मिलता है, जिनमें लगभग 20 महिलाएं भी शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कई परिवारों की आय का स्रोत मजबूत हुआ है।
अन्य किसानों के लिए बनी प्रेरणा
राम इकबाल भगत का मानना है कि बदलते समय में किसानों को बाजार की मांग और आधुनिक तकनीकों के अनुसार खेती की योजना बनानी चाहिए। उनका अनुभव बताता है कि सही फसल चयन, वैज्ञानिक तरीके और बेहतर प्रबंधन के जरिए खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि मेहनत, योजना और नई तकनीकों के सहारे कृषि क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की जा सकती है।