AGRICULTURE

Longan Farming – बिलासपुर में इस विदेशी फल की खेती ने बढ़ाई किसानों की उम्मीदें

Longan Farming – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में किसानों के लिए बागवानी क्षेत्र में एक नया और लाभदायक विकल्प उभरकर सामने आया है। मल्हार क्षेत्र के प्रगतिशील किसान जादू नंदन प्रसाद वर्मा ने अपने खेत में विदेशी फल लोंगन की सफल खेती कर यह संकेत दिया है कि प्रदेश की जलवायु और मिट्टी इस फसल के लिए अनुकूल साबित हो सकती है। उनके खेत में लगाए गए पौधे ने न केवल अच्छी बढ़वार दिखाई, बल्कि फल भी दिए हैं, जिससे आसपास के किसानों की रुचि इस नई फसल की ओर बढ़ी है।

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मल्हार में सफल रहा लोंगन का प्रयोग

ऐतिहासिक महत्व वाले मल्हार गांव में जादू नंदन प्रसाद वर्मा ने परीक्षण के तौर पर लोंगन का पौधा लगाया था। यह फल मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में लोकप्रिय माना जाता है और भारत में उड़ीसा तथा पश्चिम बंगाल जैसे कुछ राज्यों में इसकी खेती पहले से की जा रही है। छत्तीसगढ़ में इसकी मौजूदगी अभी सीमित है, लेकिन मल्हार में मिले सकारात्मक परिणामों ने इसके विस्तार की संभावनाओं को मजबूत किया है।

बाजार में अच्छी कीमत मिलने की संभावना

किसान वर्मा के अनुसार लोंगन एक उच्च मूल्य वाला फल है, जिसकी बाजार में मांग लगातार बनी रहती है। कई क्षेत्रों में इसकी कीमत लीची से भी अधिक मिलती है। ऐसे में यदि किसान इसे व्यावसायिक स्तर पर अपनाते हैं, तो पारंपरिक फसलों की तुलना में बेहतर आमदनी अर्जित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि बढ़ती मांग और सीमित उत्पादन के कारण यह फसल किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है।

जलवायु और मिट्टी ने दिखाई सकारात्मक क्षमता

मल्हार क्षेत्र में लगाए गए पौधे की वृद्धि और फलन को देखते हुए किसान का कहना है कि स्थानीय मौसम और मिट्टी लोंगन की खेती के लिए उपयुक्त दिखाई दे रही है। यह शुरुआती सफलता संकेत देती है कि प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी इस फल की खेती की संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। हालांकि बड़े स्तर पर खेती से पहले विस्तृत परीक्षण और तकनीकी अध्ययन की आवश्यकता होगी।

पौधों की उपलब्धता पर भी है ध्यान

वर्तमान समय में लोंगन के पौधे उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से प्राप्त किए जा सकते हैं। किसान जादू नंदन प्रसाद वर्मा का मानना है कि यदि किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधे, उचित प्रशिक्षण और कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिले, तो यह फसल राज्य में तेजी से लोकप्रिय हो सकती है। इससे किसानों को आय के नए स्रोत विकसित करने का अवसर मिलेगा।

कृषि विशेषज्ञों ने जताई उम्मीद

कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि बदलते कृषि परिदृश्य में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नई बागवानी फसलों पर भी ध्यान देना चाहिए। लोंगन जैसे उच्च मूल्य वाले फलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती है। बिलासपुर जिले में किया गया यह सफल प्रयोग आने वाले समय में प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

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