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Agriculture Success story – सौर सिंचाई योजना से महिलाओं ने बदली खेती की तस्वीर

Agriculture Success story – झारखंड के पलामू जिले में महिलाओं ने सामूहिक प्रयास से खेती के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत की है। चैनपुर प्रखंड के महुगांवा क्षेत्र में 17 महिला किसानों ने मिलकर सौर ऊर्जा आधारित लिफ्ट सिंचाई प्रणाली अपनाई है, जिससे अब पूरे साल खेतों तक पानी पहुंचाना आसान हो गया है। इस व्यवस्था से करीब 20 एकड़ भूमि की सिंचाई की जा सकेगी और किसानों को खेती की बढ़ती लागत से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

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कम खर्च में तैयार हुई आधुनिक सिंचाई व्यवस्था

यह परियोजना मुख्यमंत्री सौर्य लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत लागू की गई है। योजना का संचालन नित्या परिवर्तन जल उपभोक्ता समूह के माध्यम से किया जा रहा है। इस प्रणाली की कुल लागत लगभग 6 लाख रुपये बताई गई है, लेकिन सरकारी अनुदान के कारण किसानों को केवल करीब 60 हजार रुपये का योगदान देना पड़ा। स्थानीय ग्राम संगठन, जेएसएलपीएस और स्वयंसेवी संस्था टीआरआई के सहयोग से यह सुविधा ग्रामीण किसानों तक पहुंचाई गई।

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि पहले सिंचाई के लिए डीजल पंप और बिजली पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे खर्च बढ़ने के साथ कई बार समय पर पानी नहीं मिल पाता था। अब सोलर पंप लगने के बाद खेती का काम पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।

डीजल और बिजली की परेशानी से मिली राहत

महिला किसान रीता देवी ने बताया कि वह कई वर्षों से खेती कर रही हैं और पहले डीजल पंप से सिंचाई करना काफी महंगा पड़ता था। वहीं बिजली कटौती की वजह से फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पाता था। सौर ऊर्जा से चलने वाली नई प्रणाली शुरू होने के बाद गेहूं, सरसों और सब्जियों जैसी फसलों की सिंचाई नियमित रूप से हो पा रही है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से योजना का लाभ लेने से महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब खेती में लागत कम होने के साथ उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में इस तरह की तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

1500 फीट दूर खेतों तक पहुंच रहा पानी

महुगांवा की रहने वाली शकुंतला देवी के अनुसार, सब्जी खेती में सबसे बड़ी चुनौती समय पर सिंचाई की होती थी। नई व्यवस्था के तहत शिवपुर डैम के पास 5 एचपी क्षमता की मोटर लगाई गई है, जिससे पाइपलाइन के जरिए करीब 1500 फीट दूर स्थित खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है।

इस प्रणाली से लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें बिजली बिल या डीजल खर्च की चिंता नहीं रहती। सौर ऊर्जा आधारित यह व्यवस्था लगातार पानी उपलब्ध कराने में मदद कर रही है, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार की संभावना बढ़ी है।

हाई वैल्यू फसलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सौर सिंचाई प्रणाली ग्रामीण खेती के लिए दीर्घकालिक समाधान बन सकती है। इससे किसानों की उत्पादन लागत कम होगी और पानी की उपलब्धता बेहतर बनेगी। इसके साथ ही किसान पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर सब्जियों और अन्य हाई वैल्यू फसलों की खेती की ओर भी कदम बढ़ा सकेंगे।

ग्रामीण महिलाओं की यह पहल स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भर खेती का उदाहरण मानी जा रही है। सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीक के संयोजन से छोटे किसानों को भविष्य में बेहतर आय और स्थिर खेती व्यवस्था मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

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