AGRICULTURE

RoseFarming – विदेशी गुलाब की खेती से किसानों को मिल रही है शानदार कमाई

RoseFarming – मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में इन दिनों फूलों की खेती ने किसानों के बीच नई पहचान बनाई है। पारंपरिक खेती से हटकर अब कई किसान विदेशी गुलाब की उन्नत किस्मों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित और बेहतर आमदनी हासिल हो रही है। खासतौर पर ‘पास्ता गुलाब’ नाम की वैरायटी यहां तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जो कम लागत में निरंतर उत्पादन के कारण किसानों के लिए आकर्षक विकल्प बनती जा रही है।

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कम जमीन में बेहतर कमाई का विकल्प

खंडवा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में छोटे और सीमांत किसान भी इस खेती से जुड़कर लाभ कमा रहे हैं। स्थानीय किसान राजू पटेल और केशव पटेल जैसे कई लोगों ने सीमित जमीन में इस फसल की शुरुआत की थी। उनका अनुभव बताता है कि आधे एकड़ से भी कम क्षेत्र में खेती करके रोजाना 3 से 4 हजार रुपये तक की आमदनी संभव है। यह मॉडल उन किसानों के लिए खास मायने रखता है, जिनके पास बड़े खेत नहीं हैं लेकिन वे स्थायी आय का स्रोत तलाश रहे हैं।

एक बार निवेश, लंबे समय तक उत्पादन

इस वैरायटी की सबसे खास बात इसकी निरंतर उत्पादन क्षमता है। पास्ता गुलाब के पौधे को एक बार लगाने के बाद यह लंबे समय तक रोज फूल देता रहता है। इसका मतलब है कि किसान को बार-बार नई फसल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे श्रम और लागत दोनों में कमी आती है। इस तरह यह खेती स्थिर आय के साथ जोखिम को भी कम करती है।

उत्पादकता और बाजार में मांग

पास्ता गुलाब की उत्पादकता भी इसे खास बनाती है। एक स्वस्थ पौधा प्रतिदिन लगभग 60 से 70 फूल तक दे सकता है। बाजार में इन फूलों की कीमत आमतौर पर 30 से 50 पैसे प्रति फूल तक मिल जाती है। यदि बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाए तो कुल आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। शादी, पूजा और सजावट जैसे अवसरों पर गुलाब की मांग बनी रहती है, जिससे बाजार में इसकी खपत लगातार बनी रहती है।

कम लागत में शुरुआत संभव

इस खेती की एक और महत्वपूर्ण विशेषता इसकी शुरुआती लागत का कम होना है। थोक में पौधे खरीदने पर एक पौधा करीब 30 से 35 रुपये तक मिल जाता है। ऐसे में सीमित पूंजी वाले किसान भी इस खेती को आसानी से शुरू कर सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही देखभाल और सिंचाई प्रबंधन किया जाए तो यह फसल लंबे समय तक अच्छा उत्पादन देती रहती है।

घरेलू उपयोग के लिए भी उपयोगी

कृषि विशेषज्ञ बीड़ी सनखेरे के अनुसार, पास्ता गुलाब सिर्फ व्यावसायिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि घरेलू जरूरतों के लिए भी उपयुक्त है। इससे घर में पूजा-पाठ के लिए पर्याप्त मात्रा में फूल उपलब्ध हो जाते हैं। यही कारण है कि यह वैरायटी शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

किसानों के लिए उभरता हुआ अवसर

बदलते कृषि परिदृश्य में फूलों की खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। खंडवा का उदाहरण दिखाता है कि सही जानकारी और तकनीक के साथ किसान कम संसाधनों में भी बेहतर लाभ कमा सकते हैं। पास्ता गुलाब जैसी वैरायटी न केवल आय का स्थायी स्रोत बन रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार को भी बढ़ावा दे रही है।

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