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Success Story: तुरई की खेती ने बदल दी इस किसान की किस्मत, हर सीजन में कमाते हैं लाखों

Success Story: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक ऐसी अनोखी कहानी सामने आई है, जो किसी भी युवा को सोचने पर मजबूर कर देगी। पहले खेती घाटे (Farming Losses) का सौदा मानी जाती थी, लेकिन अब यह मुनाफे का सौदा बन गई है। इस इलाके के सत्य प्रकाश नाम के एक युवक ने पढ़ाई बीच में ही छोड़कर खेती की और अब वह तुरई की खेती (Ridge Gourd Cultivation) से लाखों रुपये कमा रहा है।

Ridge gourd cultivation

सत्य प्रकाश के अनुसार, वे पिछले तीन-चार वर्षों से सब्जियों की खेती (Cultivation of Vegetables) कर रहे हैं और अब एक से डेढ़ बीघा जमीन पर तोरई की फसल उगा रहे हैं।

ग्रेजुएशन के बाद शुरू की खेती

सत्य प्रकाश ने ग्रेजुएशन (Graduation) तक अपनी शिक्षा जारी रखी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह से खेती के लिए समर्पित कर दिया, जो अब उनकी आय का मुख्य स्रोत बन गया है।

मचान विधि रही सफल

पहले सत्य प्रकाश ने जमीन पर तोरई उगाई, लेकिन बरसात के मौसम में खेतों में पानी भर जाने के कारण फसल खराब हो जाती थी। इसके बाद कृषि विभाग (Agriculture Department) ने उन्हें मचान विधि की जानकारी दी। उन्होंने इस विधि से खेती शुरू की और तुरंत सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।

उनके अनुसार, मचान विधि से फसल जल्दी तैयार होती है, फल कम बीमार पड़ते हैं और सब्जी साफ होती है, जिसकी बाजार में काफी मांग है।

कम लागत में अधिक मुनाफा

सत्य प्रकाश के अनुसार, वे 1 से 1.5 बीघा जमीन पर करीब 8,000 से 10,000 रुपये में तुरई उगा रहे हैं। हर सीजन में वे खेती से 80 से 90 हजार रुपये कमा लेते हैं। यानी कम लागत और अच्छी आमदनी। वे आधुनिक तकनीक और जैविक खाद (Modern Technology and Organic Fertilizers) का इस्तेमाल कर जमीन की सेहत बनाए रखते हैं और अच्छी फसल पैदा करते हैं।

युवाओं के लिए रोल मॉडल बनें

सत्य प्रकाश के अनुसार, खेती में मेहनत लगती है, लेकिन अगर सही तरीके से काम किया जाए और समय पर काम पूरा हो जाए तो मुनाफा मिलना तय है। अब उनका आत्मविश्वास इस बात का सबूत है कि खेती सम्मान और रोजगार (Farming Respect and Employment) दे सकती है, बशर्ते उद्देश्य सच्चे हों।

उन्होंने कहा कि गांव के बहुत से युवा अब खेती के गुर सीखने के लिए उनके पास आ रहे हैं। उन्हें यह देखकर खुशी हो रही है कि उनकी उपलब्धियां अब दूसरे लोगों को प्रेरित कर रही हैं।

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