Success Story: बिहार के इस युवा किसान ने यूट्यूब से सीखा मछली पालन का तरीका, आज कमा रहा है लाखों
Success Story: बिहार के ग्रामीण ज़िलों में मछली पालन उद्योग तेज़ी से फैल रहा है। युवा किसान बड़ी संख्या में इस उद्योग में शामिल हो रहे हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं। आज हम बिहार (Bihar) के गयाजी क्षेत्र के एक युवा किसान की कहानी साझा करेंगे जो मछली पालन के साथ-साथ अन्य कृषि कार्यों से भी सालाना 5-6 लाख रुपये कमाता है।

प्रभात कृषि उद्योग से जुड़े हैं
इमामगंज प्रखंड के कौवाल गाँव के मूल निवासी प्रभात कुमार (26) ने स्नातक करने के बाद कृषि क्षेत्र में अपना करियर बनाने का फैसला किया। पिछले तीन-चार वर्षों से, वह विभिन्न प्रकार के कृषि उपक्रमों (Agricultural Ventures) से जुड़े हैं। पिछले साल से, प्रभात मत्स्य पालन से जुड़े हैं। बिहार सरकार की सहायता से, उन्होंने एक तालाब बनवाया और उसमें रेहू और कतला मछलियाँ पालीं, जिससे उन्हें लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय हुई। प्रभात ने इस साल एक एकड़ तालाब में बीस हज़ार से ज़्यादा जासर मछलियाँ पालीं।
मछली पालन में सफलता
मछली का चारा (Fish Feed) और बीज झारखंड के चतरा ज़िले के जोरी बाज़ार से मँगवाया गया है। प्रभात के अनुसार, ये मछलियाँ चार से पाँच महीनों में शिकार के लिए तैयार हो जाएँगी। चार से पाँच महीनों में लगभग 10 टन मछलियाँ पैदा होंगी, जिससे 10 लाख रुपये की आय होगी और संभवतः 3-4 लाख रुपये की बचत होगी।
प्रभात के अन्य कृषि कार्य
प्रभात ने YouTube पर मछली पालन के बारे में सीखा और स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद इस कंपनी की शुरुआत की। एक साल पहले, उन्होंने बिहार सरकार के कार्यक्रम के तहत मछली पालन शुरू किया और एक तालाब बनवाया। प्रभात के अनुसार, मछली पालन एक लाभदायक व्यवसाय (Profitable Business) है और अन्य किसानों को भी इसमें शामिल होना चाहिए। इसके अलावा, प्रभात मुर्गी पालन, डेयरी और नर्सरी फार्मिंग का भी काम करते हैं, जिससे उनकी वार्षिक आय 5-6 लाख रुपये तक पहुँच गई है।

