Success Story: धान की खेती से इस महिला किसान ने बदली अपनी किस्मत, अब कमा रही है भारी मुनाफा
Success Story: जैसे-जैसे हालात बदले हैं, ज़िले की महिलाएँ अब घरेलू काम-काज संभाल रही हैं, पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं और कार्यस्थल तथा खेती-बाड़ी (Agriculture) में समृद्ध हो रही हैं। ज़िले की दूरदर्शी महिला किसान गुड़िया, वर्तमान में धान की नकदी फसलों की खेती करके अपनी ज़मीन से पैसा कमा रही हैं।

कम खर्च में ज़्यादा कमाई
फ़र्रुखाबाद के किसान हमेशा नई कृषि तकनीकों (Agricultural Techniques) को आज़माने के लिए तैयार रहते हैं। पारंपरिक खेती के अलावा, किसान नकदी फसलों पर भी अतिरिक्त ध्यान दे रहे हैं, जिससे आय के नए स्रोत पैदा हुए हैं। इन दिनों, खेती स्थानीय किसानों के लिए अच्छी-खासी कमाई का ज़रिया बन रही है। वे अपने खेतों में धान की फसल (Paddy Crop) उगा रहे हैं, जिससे उन्हें कम लागत में अच्छी-खासी कमाई हो रही है। दो हज़ार रुपये प्रति बीघा की क़ीमत है। धान की खेती करने वाले किसानों के अनुसार, वे कई दशकों से ऐसा कर रहे हैं और बिना कुछ गँवाए हज़ारों रुपये ही कमा पाए हैं।
एक प्रगतिशील महिला किसान गुड़िया के अनुसार, वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं जो बचपन से ही खेती कर रहा है और अब भी कर रहा है, जिससे उसे सम्मानजनक आजीविका मिल रही है। उनका दावा है कि अब तक उन्हें इस फसल की लागत से आठ गुना ज़्यादा मुनाफ़ा हुआ है और उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ है। आमतौर पर हर बीघा की लागत दो से तीन हज़ार रुपये के बीच होती है। फसल पकने पर सबसे पहले धान बेचा जाता है और फिर पौधों को जैविक खाद (Organic Fertilizer) में बदल दिया जाता है जिसका इस्तेमाल चारे के रूप में किया जा सकता है।
कृषि तकनीक क्या है?
महिला किसान के अनुसार, वह पहले ज़मीन को समतल करके क्यारियाँ बनाती हैं। उसके बाद हर मीटर पर पाँच पौधे लगाए जाते हैं। समय-समय पर पानी दिया जाता है और पौधे बढ़ने पर यह प्रक्रिया दोहराई जाती है। पौधों से धान निकालकर बाज़ार में बेचा जाता है और यह नब्बे दिन बाद पकता है। खेत में ही पौधों का इस्तेमाल हरी खाद (Green Manure) के रूप में किया जाता है और कुछ किसान तो इन्हें पशुओं के चारे के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।
घर की सारी ज़िम्मेदारियाँ संभाली
महिला किसान गुड़िया ने बताया कि वह पिछले चार सालों से लगातार खेती कर रही हैं। चूँकि उनके पति खेत में काम नहीं कर पाते, इसलिए वह खेती और घर के काम दोनों में कुशल हैं। अब उसने अपने खेतों में धान की फ़सल बो दी है और सिंचाई व खाद का काम भी कर रही है। खेती का सारा काम भी वह अकेले ही करती है।

