Success Story 2026: गृहिणी ने सिलाई मशीन से नहीं मशरूम से बदली किस्मत, अभावों को बनाया अपना हथियार
Success Story 2026: रुन्नीसैदपुर प्रखंड के टिकौली पंचायत की सपना देवी की कहानी उन लाखों महिलाओं के लिए एक मिसाल है जो अपने दम पर कुछ करना चाहती हैं। रसूलपुर मोहल्ला की रहने वाली सपना देवी के परिवार की माली हालत एक समय बेहद नाजुक थी। उनके पति संतोष कुमार सिलाई का काम करते थे, लेकिन उस सीमित आय से घर का खर्च चलाना और बच्चों का भविष्य संवारना एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। (Sustainable Livelihood Opportunities) की तलाश में सपना देवी ने वह कर दिखाया जिसकी मिसाल आज पूरा ब्लॉक दे रहा है। उन्होंने अपनी मेहनत से न केवल परिवार की तकदीर बदली, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी कायम की है।

जीविका समूह ने दिखाई तरक्की की नई राह
सपना देवी की सफलता (Success Story 2026) की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने का सोचा। शुरुआत में वे बाहर से मशरूम मंगाकर स्थानीय दुकानों पर बेचती थीं, लेकिन इसमें मुनाफा बहुत कम था और रिस्क ज्यादा। इसके बाद उन्होंने हार मानने के बजाय (Skill Development Training) का सहारा लिया। जीविका समूह से जुड़कर उन्होंने मशरूम उत्पादन की बारीकियां सीखीं। ट्रेनिंग ने उनके आत्मविश्वास को जगाया और उन्हें समझ आया कि बाहर से माल खरीदने के बजाय खुद उत्पादन करना कहीं अधिक फायदेमंद है। यहीं से उनके एक सफल उद्यमी बनने की नींव पड़ी।
बिना कर्ज लिए पूंजी की कमी को दी मात
आज के दौर में जहां लोग नया व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों के चक्कर काटते हैं, सपना देवी ने एक अलग ही रास्ता चुना। उन्होंने किसी भी प्राइवेट लोन या भारी कर्ज के बोझ के बिना (Small Scale Business Investment) को प्राथमिकता दी। उन्होंने अपने पति की मेहनत की कमाई से बचाए हुए लगभग 20,000 रुपये की निजी पूंजी लगाई और महज 50 बैग से मशरूम उत्पादन शुरू किया। बिना किसी वित्तीय दबाव के शुरू किए गए इस काम ने उन्हें मानसिक मजबूती दी, जिससे वे उत्पादन की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकीं।
ऑयस्टर और बटन मशरूम की सफल पैदावार
सपना देवी के फार्म में आज दो प्रमुख प्रजातियों के मशरूम का उत्पादन हो रहा है। वे ऑयस्टर और बटन मशरूम दोनों को वैज्ञानिक तरीके से उगा रही हैं। बाजार में इन दोनों ही किस्मों की (High Yield Crop Cultivation) की मांग बहुत अधिक है। सपना बताती हैं कि मशरूम की खेती के लिए बहुत अधिक जमीन की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि सही तापमान और देखरेख सबसे जरूरी है। उनके द्वारा उपजाए गए मशरूम की सफेदी और ताजगी के कारण खरीदार खुद उनके पास खिंचे चले आते हैं, जिससे उनका हौसला दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
बाजार में मांग और मुनाफे का गणित
सपना देवी के मशरूम की मांग अब स्थानीय बाजारों से निकलकर दूर-दराज के इलाकों तक पहुँच गई है। मांग और मौसम के अनुसार उनके उत्पादों की बिक्री होती है। कभी-कभी तो एक ही दिन में एक क्विंटल तक मशरूम बिक जाता है। मुनाफे की बात करें तो वे फिलहाल होलसेल में 200 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक्री कर रही हैं। (Seasonal Market Demand) का फायदा उन्हें जून-जुलाई के दौरान मिलता है, जब बटन मशरूम की कीमतें 300 रुपये प्रति किलो तक पहुँच जाती हैं। उतार-चढ़ाव के बावजूद यह काम उनके लिए आय का एक स्थायी और मजबूत जरिया बन चुका है।
सरकारी सहायता की आस और भविष्य के सपने
अपनी सफलता के बावजूद सपना देवी को मलाल है कि उन्हें अब तक कोई सीधी आर्थिक मदद नहीं मिली है। हालांकि वे जीविका समूह द्वारा दिए गए प्रशिक्षण के लिए आभारी हैं, लेकिन उन्हें (Government Subsidy for Farmers) का इंतजार है। वे बताती हैं कि सरकार की ओर से मिलने वाले 80 हजार रुपये के लोन की प्रक्रिया ऑनलाइन होने वाली है, जो फिलहाल शुरू नहीं हुई है। सपना का मानना है कि यदि प्रशासन की ओर से समय पर वित्तीय सहयोग मिले, तो वे इसे एक बड़े उद्योग के रूप में विकसित कर सकती हैं।
अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं सपना
सपना देवी का संघर्ष और उनकी सफलता केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। आज वे अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी (Women Empowerment through Agriculture) के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि अगर महिलाएं घर के कामकाज के साथ-साथ ऐसे छोटे उद्योगों से जुड़ें, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दे सकेंगी। सपना की यह आत्मनिर्भरता बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों और सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती।
आधुनिक खेती से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
सपना देवी जैसी महिलाओं की वजह से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। मशरूम उत्पादन जैसे व्यवसाय कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाले होते हैं, जो (Rural Economic Development) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सपना देवी की मांग है कि सरकार को मशरूम उत्पादन के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मुहैया करानी चाहिए। यदि सपना को अपेक्षित सहयोग मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करेंगी बल्कि कई अन्य बेरोजगार हाथों को काम भी देंगी।

