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Women’s employment scheme: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में आई गड़बड़ी पर सरकार का राहत भरा फैसला

Women’s employment scheme: क्या आपके परिवार में भी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आए 10,000 रुपये को लेकर चिंता बनी हुई थी? कई परिवारों में यह राशि पुरुषों या दिव्यांग पुरुषों के खातों में चली गई, जबकि योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार The aim of the scheme is to provide self-employment opportunities for women के लिए आर्थिक सहायता देना था। ऐसे में जिन लोगों ने यह रकम खर्च कर दी थी, उनके मन में कार्रवाई और वसूली का डर लगातार बना हुआ था। अब इस पूरे मामले पर सरकार का नया और साफ आदेश सामने आया है, जिसने हजारों परिवारों को राहत दी है।

Women's employment scheme

योजना का उद्देश्य और अब तक की स्थिति

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे Self Help Group के माध्यम से अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। इस योजना के तहत करीब 1.51 करोड़ महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई। योजना के क्रियान्वयन के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कुछ चूक हुई, जिसके कारण लगभग 470 दिव्यांग पुरुषों के खातों में भी यह राशि ट्रांसफर हो गई। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, मामला चर्चा में आ गया और राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई।

गलती कैसे सामने आई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार जीविका से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों Senior officials associated with Bihar Jeevika ने खुद इस त्रुटि को पहचाना। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में लगभग 11 लाख महिला स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं, वहीं दिव्यांगों के लिए भी करीब 1000 समूह बनाए गए हैं। डेटा मिलान के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुछ खातों में गलत तरीके से महिला रोजगार योजना की राशि चली गई है। अकेले दरभंगा जिले से 70 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए, जिससे प्रशासन भी सतर्क हो गया।

नोटिस और लोगों की चिंता

गलती सामने आने के बाद कुछ जिलों में 12 पुरुषों को नोटिस भेजे गए। नोटिस में उनसे राशि लौटाने या उसे परिवार की महिला सदस्य के खाते में समायोजित Adjusted to the member’s account कराने की बात कही गई। इस सूचना के बाद कई लोग परेशान हो गए। उनका कहना था कि ढाई महीने पहले आई रकम को वे घरेलू जरूरतों में खर्च कर चुके हैं और अब अचानक पैसा लौटाना उनके लिए संभव नहीं है।

सरकार का नया और स्पष्ट आदेश

सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए यह स्पष्ट किया कि किसी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी Government Scheme में कभी-कभी ऐसी Administrative Error हो जाती है। चूंकि गलती सरकार की ओर से हुई है, इसलिए लाभार्थियों को परेशान करने का कोई इरादा नहीं है।

पैसा वापस करने की जगह मिला विकल्प

सरकार ने प्रभावित लोगों को एक व्यावहारिक विकल्प दिया है। जिन दिव्यांग पुरुषों या अन्य पुरुषों के खातों में यह राशि आई है, वे अपने परिवार की किसी महिला सदस्य के नाम से मुख्यमंत्री Chief Minister in the name of the member महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद पहले से मिली राशि उसी महिला के खाते में Adjust कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया से न तो पैसा लौटाने का दबाव रहेगा और न ही किसी तरह की कानूनी कार्रवाई होगी।

ज्वाइंट अकाउंट वालों को भी राहत

कुछ मामलों में यह राशि पति-पत्नी के Joint Account में ट्रांसफर हुई है। ऐसे परिवारों को सरकार ने पूरी तरह से राहत दी है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे खातों में आई रकम को लेकर किसी भी प्रकार की औपचारिकता करने की जरूरत नहीं है। इसे सीधे योजना के तहत मान्य माना जाएगा।

लोगों की प्रतिक्रिया

सरकार के इस फैसले के बाद प्रभावित परिवारों Families affected by the decision ने राहत की सांस ली है। कई लोगों का कहना है कि वे पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उन्हें लगा था कि यह सहायता उन्हें स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के कारण मिली है। अब जब सरकार ने साफ कर दिया है कि केवल महिला सदस्य के नाम पर आवेदन करने से ही मामला सुलझ जाएगा, तो डर और असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है।

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