Bihar Agriculture Scheme: किसानों के लिए खुशखबरी! इन 4 फलों की खेती पर मिलेगी 50% सब्सिडी, फटाफट करें आवेदन
Bihar Agriculture Scheme: बिहार के सीतामढ़ी क्षेत्र में फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग (Agriculture Department) ने बागवानी विभाग के माध्यम से एक नई पहल शुरू की है। इस कार्यक्रम के तहत फल उगाने वाले किसानों को 50-70% सब्सिडी मिलेगी। इससे किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।

योजना के लक्ष्य को समझें
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य किसानों की आत्मनिर्भरता बढ़ाना, उनकी आय दोगुनी करना, बागवानी मिशन (Horticulture Mission) को आगे बढ़ाना और पर्यावरण की सुरक्षा करना है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना और राष्ट्रीय बागवानी मिशन की स्थापना की गई थी।
किसानों के लिए शानदार संभावनाएं
सेब, बेर, आंवला, नींबू और अमरूद (Apple, Plum, Amla, Lemon and Guava) जैसे फलों के पेड़ उगाने वाले किसान इस कार्यक्रम के तहत अपनी आय को चार गुना बढ़ा सकते हैं। यह कार्यक्रम सीतामढ़ी क्षेत्र के लिए बिल्कुल नया है और सरकार पहली बार इन चार पौधों की खेती के लिए धन मुहैया करा रही है। इससे किसानों को और भी लाभ मिलेगा।
योजना के लक्ष्य और अनुदान को समझें
सीतामढ़ी के जिला उद्यान पदाधिकारी नेयाज अहमद के अनुसार इस वर्ष 40 हेक्टेयर में इन फलों की खेती का लक्ष्य है। किसानों को 50% अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “सीतामढ़ी के लिए सेब की खेती नई है।” इसलिए इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
किसानों को ऑनलाइन आवेदन जमा (Submit Online Application) करने के लिए विभाग की साइट का उपयोग करना होगा। आवेदन जमा करने के लिए निकटतम ऑनलाइन सुविधा केंद्र या मोबाइल डिवाइस का भी उपयोग किया जा सकता है। किसानों को आवेदन पत्र पर उन पौधों के नाम डालने होंगे जिन्हें वे उपयोग करना चाहते हैं।
आवश्यक कागजात
आवेदन के साथ पहचान पत्र, आधार कार्ड, आवेदक (Identity Card, Aadhar Card, Applicant) की दो फोटो और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी अवश्य संलग्न करें। पौधों की खरीद और प्लेसमेंट के बाद विभाग के प्रतिनिधि स्थान की जांच करेंगे। जांच के बाद अनुदान राशि आवेदक के खाते में जमा कर दी जाएगी।
अनुदान किस्त अनुसूची के बारे में जानकारी रखें
अनुदान राशि (Grant Amount) किसानों को तीन किस्तों में वितरित की जाएगी। पहली बार पुरस्कार पाने वालों को 30% पुरस्कार मिलेगा, उसके बाद दूसरी बार पुरस्कार पाने वालों को 10% और तीसरी बार पुरस्कार पाने वालों को 10% पुरस्कार मिलेगा। नतीजतन, किसानों को तीन किश्तों में पुरस्कार राशि मिलेगी। नतीजतन, यह कार्यक्रम किसानों को बागवानी में सफल होने और अपनी वित्तीय परिस्थितियों को बेहतर बनाने का शानदार मौका देता है।

