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A new direction for rural employment: विकसित भारत–रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ की पूरी जानकारी

A new direction for rural employment: भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार एक नए कानून की तैयारी कर रही है। लंबे समय से लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी MGNREGA की जगह अब एक नई और व्यापक योजना लाई जा रही है, जिसका नाम विकसित भारत–रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन (ग्रामीण) रखा गया है। इसे संक्षेप में VB-G RAM G कहा जा रहा है। इस योजना का मकसद केवल अस्थायी रोजगार देना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाते हुए 2047 के राष्ट्रीय विजन को साकार करना है।

A new direction for rural employment
A new direction for rural employment

‘जी राम जी’ योजना क्या है और क्यों लाई जा रही है

विकसित भारत–रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन (ग्रामीण) को मनरेगा का अपग्रेडेड स्वरूप माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि बीते वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जरूरतें बदल चुकी हैं। अब केवल मजदूरी आधारित काम से आगे बढ़कर टिकाऊ आजीविका, infrastructure development और climate resilience पर ध्यान देना जरूरी है। इसी सोच के तहत इस नए Rural Employment Act को तैयार किया गया है।

योजना के मुख्य उद्देश्य और कार्यक्षेत्र

इस नई ग्रामीण योजना के तहत रोजगार के साथ-साथ गांवों के समग्र विकास पर जोर दिया गया है। कानून के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण इलाकों में स्थायी ढांचा खड़ा करने की रणनीति बनाई गई है। इस योजना में चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है।

ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण

गांवों में सड़क, संपर्क मार्ग, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ग्रामीण connectivity बेहतर होगी और बाजार तक पहुंच आसान बनेगी।

मौसम से जुड़ी चुनौतियों पर काम

बदलते climate conditions को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा, जो सूखा, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक जोखिमों के प्रभाव को कम कर सकें। इससे ग्रामीण जीवन और खेती दोनों को सुरक्षा मिलेगी।

आजीविका से जुड़ा ढांचा

भंडारण, स्थानीय बाजार, प्रसंस्करण और छोटे स्तर के उद्यमों से जुड़े कार्यों को योजना में शामिल किया गया है, ताकि ग्रामीणों को long-term livelihood के अवसर मिल सकें।

जल संरक्षण और जल संचयन

पानी से जुड़े कार्य इस योजना का अहम हिस्सा होंगे। तालाब, चेक डैम, नहर और वर्षा जल संचयन जैसी परियोजनाओं से water management को मजबूत किया जाएगा।

मनरेगा से कैसे अलग है नया ग्रामीण रोजगार कानून

VB-G RAM G को मनरेगा से बेहतर और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है। सबसे बड़ा बदलाव रोजगार के दिनों में किया गया है। जहां मनरेगा में 100 दिन का काम सुनिश्चित था, वहीं नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों की annual income बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों की भूमिका को और मजबूत किया गया है। अब पंचायतें खुद योजनाएं तैयार करेंगी और उन्हें modern planning systems जैसे PM Gati Shakti से जोड़ा जाएगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे मिलेगी मजबूती

इस कानून के लागू होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। रोजगार बढ़ने से लोगों की purchasing power में इजाफा होगा। सड़क, भंडारण और बाजार सुविधाओं के विकास से गांवों में economic activities तेज होंगी। खेती के साथ-साथ गैर-कृषि क्षेत्रों में भी नए अवसर पैदा होंगे, जिससे गांवों से शहरों की ओर migration कम हो सकता है।

किसानों के लिए योजना के फायदे

किसानों को इस नई योजना से दोहरा लाभ मिलने वाला है। एक ओर उन्हें खेती के लिए समय पर मजदूर उपलब्ध होंगे, वहीं दूसरी ओर सिंचाई, जल संरक्षण और खेतों से जुड़े ढांचे का विकास होगा। बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिनों का विशेष प्रावधान रखा गया है, जिसके दौरान योजना के अन्य कार्य रोके जाएंगे। इससे कृषि सीजन में labor shortage की समस्या कम होगी और farming productivity बेहतर होगी।

मजदूरों को कैसे होगा लाभ

ग्रामीण मजदूरों के लिए यह योजना ज्यादा सुरक्षा और अवसर लेकर आएगी। 125 दिनों के रोजगार की गारंटी से उनकी आय स्थिर होगी। भुगतान व्यवस्था में biometric verification और Aadhaar आधारित सिस्टम से transparency बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। यदि किसी कारणवश तय दिनों तक काम नहीं मिलता है, तो unemployment allowance का प्रावधान भी रखा गया है। साथ ही गांवों में बनने वाले स्थायी ढांचे का लाभ मजदूरों और उनके परिवारों को लंबे समय तक मिलेगा।

भविष्य की ओर एक मजबूत कदम

कुल मिलाकर विकसित भारत–रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन (ग्रामीण) को ग्रामीण भारत के लिए एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। यह योजना रोजगार, विकास और आत्मनिर्भरता को एक साथ जोड़ने की कोशिश है, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल सकती है।

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