Tomato Cultivation: इस फसल की खेती से किसान मात्र 60 दिन में बन जाएंगे लखपति, जानिए खेती का तरीका
Tomato Cultivation: आजकल टमाटर की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। यह दुनिया भर में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जियों में से एक है। भारत में किसान बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती कर रहे हैं। टमाटर सिर्फ सब्जी नहीं है। कई अन्य खाद्य पदार्थों (Food Items) में भी इसका इस्तेमाल होता है। नतीजतन, टमाटर की बाजार में लगातार मांग बनी हुई है। टमाटर की खेती किसानों के लिए अच्छा मुनाफा लेकर आ रही है। देसी किस्म के टमाटर से कम लागत में टमाटर की खेती संभव है। किसानों के लिए यह कमाई का जरिया बन गया है। उचित उपकरणों का इस्तेमाल कर और उच्च गुणवत्ता (High Quality) वाले टमाटर उगाकर यही किसान बारिश के मौसम में भी लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं।

टमाटर की खेती में होने वाले खर्च को देखते हुए जिले का यह किसान अच्छा खासा मुनाफा कमा रहा है। इसी वजह से वह कई सालों से टमाटर की खेती कर रहा है और हजारों रुपये कमा रहा है। बाराबंकी जिले के पारादीपो टोले के किसान शेरा सिंह ने दूसरी फसलों के साथ टमाटर की खेती भी शुरू की और अच्छा मुनाफा कमाया। आज वह करीब एक-दो बीघे में देसी टमाटर उगा रहे हैं। एक फसल पर उन्हें इस खेती से एक से सवा लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है।
एक बीघा में मिलते हैं बीस हजार रुपए
टमाटर की खेती करने वाले शेरा सिंह ने बताया कि इससे पहले भले ही उन्होंने चावल, गेहूं, मेंथा और दूसरी फसलें उगाई हों, लेकिन उनसे हमें ज्यादा कमाई नहीं हो रही थी। सब्जियां उगाने के बारे में सोचने के बाद हमने टमाटर उगाने (Growing Tomatoes) का फैसला किया और अच्छा मुनाफा कमाया। अब हम करीब दो या तीन बीघा में देसी टमाटर उगाते हैं। एक बीघा की कीमत करीब बीस हजार रुपए है। मुनाफे की बात करें तो हम एक फसल पर एक से डेढ़ लाख रुपए तक कमा लेते हैं। क्योंकि हाइब्रिड टमाटर (Hybrid Tomatoes) के मुकाबले देसी टमाटर की काफी मांग है। यह काफी ऊंचे दामों पर बिकता भी है।
फसल साठ दिन में हो जाती है तैयार
इसे उगाना बहुत आसान है। सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई की जाती है। फिर क्यारियां बनाई जाती हैं और खेत को समतल किया जाता है। इसके बाद हम इसे पन्नी से ढक देते हैं और एक फुट की दूरी पर टमाटर के पौधे लगा देते हैं। जब पेड़ थोड़ा बड़ा हो जाता है तो उसमें पानी डाला जाता है। इसके बाद टमाटर के पौधों (Tomato Plants) को खेत में बांधने के लिए बांस की तार और सुतली का इस्तेमाल किया जाता है। इससे बीमारी का खतरा कम हो जाता है और टमाटर का उत्पादन (Tomato Production) बहुत अच्छा होता है। पौधे लगाने के 55 से 60 दिन बाद ही फसल आने लगती है। जिसे हम काटकर बाजार में बेच सकते हैं।

