AGRICULTURE

Farming Tips: किसान भाई खेती में अपनाएं यह खास विधि, आमदनी में होगी तेजी से बढ़ोतरी

Farming Tips: कद्दूवर्गीय सब्ज़ियाँ (करेला, लौकी, खीरा, नेनुआ आदि) अब बारिश के मौसम में भी किसानों के लिए अच्छी-खासी कमाई का ज़रिया बन सकती हैं। ज़िला बागवानी अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा के अनुसार, किसान मचान विधि का इस्तेमाल करके अपनी उपज और गुणवत्ता (Yield and Quality) में उल्लेखनीय सुधार कर सकते हैं। फसल की सुरक्षा के अलावा, यह तरीका बाज़ार में कीमतों को भी बढ़ाता है।

Farming tips

ज़्यादातर किसान बरसात के मौसम में कद्दूवर्गीय सब्ज़ियाँ (Cucurbitaceous Vegetables) उगाते हैं, लेकिन मिट्टी की प्रचुर नमी और पानी के कारण पौधे और फल खराब हो जाते हैं। ज़मीन के संपर्क में आते ही फल सड़ने और गलने लगते हैं। नतीजतन, किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या से निपटने का सबसे आसान और कम खर्चीला तरीका मचान का इस्तेमाल करना है।

मचान का उपयोग करने के क्या लाभ हैं?

खेत में बाँस उगाकर और उसमें लकड़ी या सूखी टहनियाँ जोड़कर, मचान विधि एक जालीदार संरचना (Reticular Formation) बनाती है। इस मचान पर पौधे उगते हैं और फल ज़मीन से ऊपर रहते हैं। परिणामस्वरूप, फलों के सड़ने की कोई संभावना नहीं होती क्योंकि वे सीधे मिट्टी या पानी के संपर्क में नहीं आते। इसके अलावा, फलों को पर्याप्त हवा और धूप मिलती है, जिससे उनका आकार और गुणवत्ता बेहतर होती है। ये फल जल्दी पकते हैं और बाज़ार में अच्छी कीमत पाते हैं।

Scaffolding Method से दोगुना मुनाफा

डॉ. राणा का दावा है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Approach) और थोड़ी सी समझदारी से किसान बरसात के मौसम में भी भरपूर उपज प्राप्त कर सकते हैं। इससे उनकी आय दोगुनी हो सकती है। किसानों की सहायता के लिए उद्यान विभाग ने इसे मिशन योजना में शामिल किया है। जौनपुर ज़िले ने 40 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 10 हेक्टेयर अनुसूचित जाति के किसानों के लिए और 30 हेक्टेयर सामान्य किसानों के लिए निर्धारित है।

पहले पाओ, पहले पाओ

इस पहल का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा और 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए http://dbt.uphorticulture.in/ वेबसाइट पर पंजीकरण (Registration) कराकर या उद्यान विभाग से संपर्क करके, किसान इस कार्यक्रम का लाभ उठा सकते हैं।

किसान भाइयों के लिए एक नोट

स्कैफोल्डिंग पद्धति (Scaffolding Method) का उपयोग करके किसान अपनी फसलों की सुरक्षा बढ़ा सकते हैं, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं, और उच्च बाज़ार मूल्य प्राप्त करके समृद्ध बन सकते हैं। जौनपुर के किसानों के पास अब इस वैज्ञानिक तकनीक से खेती करने का एक शानदार अवसर है।

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