AGRICULTURE

Cultivation of Cucumbers: बारिश में खीरे को पीला होने से बचाने के लिए तुरंत अपनाएं ये कड़े उपाय

Cultivation of Cucumbers: उत्तर प्रदेश में एक ऐसा क्षेत्र है जहां किसान बड़े पैमाने पर खीरे की खेती करते हैं। हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और चंडीगढ़ के बाजारों में यहां उगाए गए खीरे बिकते हैं। खीरे का सीजन अभी भी जारी है, लेकिन मौसम की मार फसलों पर पड़ रही है और कीड़े बची हुई फसल को खराब कर रहे हैं और पीले पड़ रहे हैं। इस समस्या को आसानी से हल किया जा सकता है। खीरे की फसल (Cucumber Harvest) का पीला पड़ना और फल का मुड़ जाना दो कारणों से होता है। कभी-कभी फल इसलिए पीले पड़ जाते हैं क्योंकि खीरे के पौधे को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल रहे होते हैं और कभी-कभी ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खेत में फल मक्खियां होती हैं।

Cultivation of cucumbers

इस समस्या से कैसे बचें

इससे बचने के लिए सहारनपुर कृषि विज्ञान केंद्र (Agricultural Science Centre) के प्रोफेसर और प्रभारी डॉ. आईके कुशवाह किसानों को कुछ खास रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। इनका इस्तेमाल करके किसान अपनी खीरे की फसल को 10 से 15 दिन में नष्ट होने से बचा सकते हैं। डॉ. आईके कुशवाह के मुताबिक खीरे के पीले होने के दो तरीके हैं। जब खीरा अपने अधिकतम आकार पर पहुंच जाता है, तो उसमें पीलापन आ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खीरे में कुछ पोषक तत्वों (Nutrients) की कमी होती है। संकर खीरे की कई प्रजातियां हैं जो अधिक उत्पादन देती हैं। पौधे को अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इसके लिए बाजार में कई सूक्ष्म पोषक तत्व उपलब्ध हैं, और कभी-कभी उनका छिड़काव करना पड़ता है। पहले छिड़काव के बाद 15 दिन का समय दें। दूसरे शब्दों में, महीने में दो बार छिड़काव करें। इससे खीरे पीले होने से बच जाते हैं।

इसका समाधान करने का एकमात्र उपाय

डॉ. कुशवाह के अनुसार, खेत में बोरॉन की अनुपस्थिति खीरे के पीले होने का दूसरा कारण है। अगर खीरे टेढ़े होने लगे तो किसान फसल को जिंक और बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) दे सकते हैं। फल मक्खी के डंक के कारण खीरे का निचला हिस्सा भी मुड़ जाता है और पीला हो जाता है। किसान ऐसी परिस्थितियों में फेरोमोन ट्रैप (Pheromone Trap) का उपयोग कर सकते हैं। नर कीट इसकी ओर आकर्षित होते हैं क्योंकि इसमें मादा कीटों जैसी गंध होती है। इस गंध के लिए फेरोमोन नामक रसायन जिम्मेदार होते हैं। यह फल मक्खी को आकर्षित करता है, जो फिर इसमें गिर जाती है और मर जाती है। किसानों के लिए, इनमें से प्रत्येक क्रिया उत्तर हो सकती है।

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