AGRICULTURE

Crop Safety Tips: मक्के की फसल का कट्टर दुश्मन है यह कीड़ा, इन फसलों को भी कर देता है बर्बाद

Crop Safety Tips: इन दिनों मक्के की फसलों पर दीमक का प्रकोप बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों (Agricultural Experts) का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों में नमी की अधिकता के कारण ये कीट सक्रिय हो जाते हैं। अगर समय पर उपचार न किया जाए तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है। इस कीट द्वारा पौधों की जड़ों को पहुँचाए जाने वाले नुकसान का सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। ऐसे में किसानों के लिए सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है।

Maize crop
Maize crop

दीमक एक छोटा कीट (Small Insect) होता है जो ज़मीन के नीचे छिपकर मक्के की जड़ों को खाता है। यह कीट धीरे-धीरे पूरे खेत में फैल जाता है और मक्के के पौधों की पोषण प्रणाली को नष्ट कर देता है। परिणामस्वरूप, पौधे कमज़ोर होकर सूखने लगते हैं, जिससे उत्पादन में भारी कमी आती है। यह कीट मक्के के अलावा अन्य खरीफ फसलों को भी नुकसान पहुँचा सकता है। हालाँकि, चूँकि मक्के की जड़ें गहराई में दबी होती हैं, इसलिए यह पौधा इससे ज़्यादा प्रभावित होता है।

यह रोग कब और कैसे फैलता है?

कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजीव सिंह के अनुसार, दीमक उस मिट्टी में पनपते हैं जो पूरे बरसात में नम रहती है। अगर खेत में पानी की निकासी ठीक से न हो या वहाँ पुराने, सूखे पौधे पड़े हों, तो दीमकों को पनपने का मौका मिल जाता है। यह कीट ज़मीन में छिपा रहता है और अगर ज़मीन की अच्छी तरह से जुताई न की जाए, तो धीरे-धीरे फसल को बर्बाद कर देता है।

दीमक के लक्षणों को कैसे पहचानें

अगर मक्के के पौधे (Corn Plants) अचानक झुकने लगें या पीले होकर गोलाकार हो जाएँ, तो दीमक के संक्रमण का संकेत हो सकता है। चूँकि उनकी जड़ें कमज़ोर होती हैं, इसलिए इन्हें हल्के से खींचकर आसानी से हटाया जा सकता है। इसके अलावा, अगर आपको मिट्टी के छोटे-छोटे टीले या सुरंग जैसे निशान दिखाई दें, तो ध्यान रखें कि दीमक खेत में सक्रिय हैं।

निवारक और नियंत्रण के उपाय

वैज्ञानिक डॉ. सिंह के अनुसार, दो लीटर क्लोरपायरीफॉस दवा (Chlorpyrifos Drug) को 200 लीटर पानी में घोलकर एक एकड़ ज़मीन पर सिंचाई के साथ इस्तेमाल करना चाहिए। इससे दीमक की समस्या दूर हो जाएगी। इसके अलावा, सिंचाई के पानी में दो लीटर फ़िप्रोनिल दवा भी डाली जा सकती है। यदि आप दवाइयों का उपयोग नहीं करना चाहते हैं तो प्रति एकड़ खेत में 20 से 25 किलोग्राम नीम की खली डालना भी सहायक हो सकता है।

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