Complete guide: बीज से हेज़लनट उगाने की पूरी देसी गाइड अनुभव, धैर्य और सही तरीका
Complete guide: बारिश की हल्की आवाज़ और गीली पत्तियों की खुशबू के बीच जब मैंने फ्रिज के एक कोने में काई में लिपटे कुछ हेज़लनट बीज देखे, तब तय किया कि अब इस बार अनुमान से नहीं, बल्कि सही तरीके से बीज से हेज़लनट उगाना सीखूंगा। पहले की गलतियों से सबक मिल चुका था। भुने हुए बीज लगाकर पेड़ उगने की उम्मीद करना अब बीते दिनों की बात थी।

बीज से हेज़लनट उगाना क्या सच में संभव है
बीज से हेज़लनट उगाना संभव है, लेकिन इसके लिए धैर्य और समझ दोनों चाहिए। यह कोई जल्दी फल देने वाला पौधा नहीं है। इसमें कई साल लगते हैं, लेकिन जो पेड़ आप खुद बीज से तैयार करते हैं, उससे मिलने वाला संतोष अलग ही होता है।
बीज से उगाने और नर्सरी के पौधे में अंतर
नर्सरी से खरीदा गया पौधा जल्दी फल दे सकता है, लेकिन वह हर इलाके के मौसम में टिके, इसकी गारंटी नहीं होती। बीज से उगा पौधा धीरे-धीरे आपकी मिट्टी और जलवायु के अनुसार खुद को ढाल लेता है। यही वजह है कि लंबे समय में यह ज्यादा मजबूत साबित होता है।
बीज से उगे हेज़लनट पौधे से क्या उम्मीद करें
शुरुआत में यह पौधा झाड़ी जैसा बढ़ता है। सीधा पेड़ बनने में समय लगता है। कई बार शाखाएं मनमानी दिशा में बढ़ती हैं, जिन्हें सही आकार देने के लिए छंटाई करनी पड़ती है।
बीज से उगे पौधों में अंतर क्यों होता है
हर बीज अपने माता-पिता जैसा ही फल देगा, यह जरूरी नहीं। कुछ पौधों में फल छोटे हो सकते हैं, कुछ में छिलका मोटा हो सकता है। लेकिन यही विविधता कई बार फायदेमंद होती है, खासकर जब मौसम अनिश्चित हो।
सही बीज की पहचान कैसे करें
अच्छे बीज भारी होते हैं और पानी में डालने पर डूब जाते हैं। जिन बीजों में छोटे छेद या दाग हों, उन्हें नहीं लगाना चाहिए। ऐसे बीजों में कीड़े या सड़न की संभावना होती है।
बाजार से खरीदे बीज क्यों अक्सर नहीं उगते
अधिकांश पैक्ड या सुपरमार्केट में मिलने वाले बीज गर्मी से प्रोसेस किए जाते हैं। इससे बीज के अंदर का जीवन खत्म हो जाता है। इसलिए बीज हमेशा भरोसेमंद स्रोत या बीज विनिमय समूह से ही लें।
बीज को बोने से पहले ठंड देना क्यों जरूरी है
हेज़लनट के बीजों को अंकुरित होने से पहले ठंड की अवधि चाहिए। इसे बीज की नींद तोड़ने की प्रक्रिया कहा जा सकता है। बिना ठंड के बीज अक्सर नहीं उगते।
घर पर ठंड देने का आसान तरीका
गीली काई या कपड़े में बीज लपेटकर किसी डिब्बे में रखें और फ्रिज के पीछे वाले हिस्से में रख दें। यह प्रक्रिया लगभग तीन से चार महीने चलनी चाहिए। बीच-बीच में जांच करते रहें कि फफूंद न लगे।
बीज लगाने का सही समय
सर्दी खत्म होने के बाद और तेज गर्मी शुरू होने से पहले का समय सबसे अच्छा होता है। इस समय मिट्टी में नमी होती है और तापमान भी अनुकूल रहता है।
मिट्टी की तैयारी कैसे करें
मिट्टी का मिश्रण हल्का और पानी जल्दी निकालने वाला होना चाहिए। बगीचे की मिट्टी, पुरानी खाद और मोटी रेत का मिश्रण अच्छा रहता है। जलभराव से जड़ें जल्दी खराब हो जाती हैं।
बीज कितनी गहराई में लगाएं
बीज लगभग पांच सेंटीमीटर गहराई में लगाएं। नुकीला सिरा नीचे की ओर रखें। बहुत ऊपर लगाने से बीज सूख सकता है।
पानी देने का सही तरीका
बीज लगाने के बाद मिट्टी को हल्का गीला रखें। बार-बार पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। अगला पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे।
अंकुर निकलने में कितना समय लगता है
अगर ठंड की प्रक्रिया सही रही हो, तो चार से आठ हफ्तों में अंकुर दिखने लगते हैं। इस दौरान धैर्य रखना बहुत जरूरी है।
गमले में उगाना या जमीन में
शुरुआती एक से डेढ़ साल तक गमले में उगाया जा सकता है। इसके बाद पौधे को जमीन में लगाना बेहतर होता है, ताकि जड़ें खुलकर फैल सकें।
परागण क्यों जरूरी है
हेज़लनट के पौधे अकेले फल नहीं देते। कम से कम दो पौधे पास-पास होने चाहिए, ताकि हवा के जरिए परागण हो सके।
फल आने में कितना समय लगता है
आमतौर पर छठे से आठवें साल के बीच पौधा फल देना शुरू करता है। शुरुआत में फल कम होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे मात्रा बढ़ती है।
लंबे समय तक देखभाल कैसे करें
हर साल हल्की छंटाई करें, सूखी और अंदर की ओर बढ़ रही टहनियां हटाएं। सूखे मौसम में गहराई से पानी दें और जड़ों के आसपास सूखी पत्तियों से मल्चिंग करें।
आम गलतियां जिनसे बचना चाहिए
ठंड की प्रक्रिया छोड़ देना, जरूरत से ज्यादा पानी देना, भारी मिट्टी में लगाना और केवल एक ही पौधा लगाना – ये सभी गलतियां अक्सर असफलता का कारण बनती हैं।

