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AgricultureResearch – अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बहराइच में किसानों से की खेती पर चर्चा

AgricultureResearch – उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हाल ही में कृषि से जुड़ा एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अमेरिका के आयोवा स्थित कृषि महाविद्यालय से जुड़े वैज्ञानिकों ने भाग लिया। वैज्ञानिकों की टीम ने कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचकर स्थानीय किसानों से सीधे बातचीत की और खेती से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और बदलते मौसम के बीच टिकाऊ खेती के तरीकों पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। किसानों ने भी अपने अनुभव और समस्याएं वैज्ञानिकों के सामने रखीं, जिन पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक सुझाव दिए। इस संवाद का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना था।

Us scientists discuss farming with bahraich farmers

बदलते मौसम में खेती के नए तरीकों पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि मौसम में हो रहे लगातार बदलावों के कारण खेती के पारंपरिक तरीकों में बदलाव करना जरूरी हो गया है। उन्होंने ऐसी तकनीकों के बारे में जानकारी दी, जिनकी मदद से कम पानी में भी अच्छी पैदावार ली जा सकती है। इसके साथ ही ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। किसानों को यह भी बताया गया कि अलग-अलग मौसम में किस प्रकार फसलों का चयन किया जाए ताकि नुकसान की संभावना कम हो और उत्पादन स्थिर बना रहे।

यूपी से अमेरिका तक का सफर तय करने वाले वैज्ञानिक

इस कार्यक्रम में शामिल प्रमुख विशेषज्ञों में डॉ. आशीष सिंह भी थे, जिनका मूल निवास उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई यहीं से पूरी की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए विदेश चले गए। आगे की पढ़ाई उन्होंने कनाडा में की और उसके बाद अमेरिका में कृषि क्षेत्र से जुड़े बड़े संस्थान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में वह आयोवा राज्य विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में अधिष्ठाता के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनके परिवार का भी शिक्षा और शोध से गहरा संबंध रहा है, क्योंकि उनके पिता पंतनगर वेटरिनरी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रह चुके हैं।

भारतीय किसानों से जुड़ाव बनाए रखते हैं

विदेश में उच्च पद पर कार्य करने के बावजूद डॉ. आशीष सिंह का जुड़ाव भारत और खासकर उत्तर प्रदेश के किसानों से लगातार बना हुआ है। जब भी वह भारत आते हैं, तो अलग-अलग जिलों में जाकर किसानों से मिलते हैं और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं। इस दौरान वे खेती में आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक तरीकों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी देते हैं। उनका मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए ज्ञान और तकनीक का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है।

किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर

डॉ. आशीष सिंह के अनुसार किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि किसान ही वह व्यक्ति है जो खेतों में मेहनत करके देश के हर घर तक भोजन पहुंचाता है। इसलिए उनका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए काम करना है। इसके लिए उनकी टीम कई तरह के शोध और परियोजनाओं पर काम कर रही है। खेती में पानी के बेहतर उपयोग, कम लागत वाली तकनीक और मौसम के अनुसार फसलों के चयन जैसे विषयों पर लगातार अध्ययन किया जा रहा है।

नई तकनीक से किसानों को मिलेगा फायदा

कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए डॉ. आशीष सिंह और उनकी टीम एक विशेष डिजिटल समाधान पर भी काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एक ऐसा मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है जो किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। इस ऐप के जरिए किसान अपने खेत या फसल की तस्वीर लेकर अपलोड करेंगे और सिस्टम उन्हें फसल की स्थिति के आधार पर जरूरी सलाह देगा। इसमें खाद, पानी, कीटनाशक और रोग से बचाव जैसी जानकारी शामिल होगी। इससे किसानों को समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिल सकती है और उत्पादन में भी सुधार आने की संभावना है।

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