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Agriculture Tips: घरेलू तरीकों से सब्जी फसलों को कीटों से बचाने की आसान और सस्ती विधि

Agriculture Tips: सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए कीटों की समस्या किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं होती। खेत में मेहनत करने के बाद जब पौधों पर कीट लग जाते हैं, तो फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। छोटे-छोटे कीट पत्तियों, तनों और लताओं को कमजोर कर देते हैं, जिससे पौधों की बढ़वार रुक जाती है और फलन पर सीधा असर पड़ता है। कई बार किसान जल्दबाजी में महंगी रासायनिक दवाइयों का इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे लागत तो बढ़ती ही है, साथ ही मिट्टी और पर्यावरण को भी नुकसान होता है। ऐसे में अगर समय रहते घरेलू उपाय अपनाए जाएं, तो कीट नियंत्रण के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता भी बनी रह सकती है।

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कीट प्रबंधन क्यों है जरूरी

सब्जी की खेती में कीट प्रबंधन का सही समय पर होना बहुत जरूरी है। यदि शुरुआत में ही कीटों पर ध्यान न दिया जाए, तो वे तेजी से फैलते हैं और पूरी फसल को प्रभावित कर सकते हैं। पत्तियों का कटा-फटा होना, रंग बदलना या लताओं का कमजोर दिखना कीट लगने के सामान्य संकेत हैं। समय पर नियंत्रण करने से पौधों की ऊर्जा फल और सब्जी बनाने में लगती है, न कि कीटों से लड़ने में। इससे उत्पादन बेहतर होता है और किसान को अच्छा लाभ मिल सकता है।

घर पर उपलब्ध साधनों से कीट नियंत्रण

कई किसान यह मानते हैं कि कीट नियंत्रण के लिए बाजार से दवा खरीदना ही एकमात्र उपाय है, जबकि सच्चाई यह है कि घर में मौजूद साधारण चीजें भी इस काम में काफी असरदार होती हैं। इन उपायों को अपनाने से न केवल खर्च कम होता है, बल्कि फसल भी सुरक्षित रहती है। खास बात यह है कि इन तरीकों से सब्जियां भी ज्यादा सुरक्षित और प्राकृतिक रहती हैं।

बासी राख और चुने का उपयोग

अगर सब्जियों की लताओं या पत्तियों पर कीट लगना शुरू हो गया है, तो सबसे पहले पत्तियों की अच्छे से जांच करें। यदि पत्तों पर छोटे छेद या किनारे कटे हुए दिखाई दें, तो समझ लें कि कीट सक्रिय हो चुके हैं। ऐसे में चूल्हे से निकलने वाली बासी राख को छानकर उसमें थोड़ा सा चुना पाउडर मिला लें। इस मिश्रण को सुबह या शाम के समय पौधों की पत्तियों पर हल्के हाथ से छिड़क दें। यह तरीका कीटों को दूर भगाने के साथ-साथ पहले से लगे कीटों को भी खत्म करने में मदद करता है।

गोबर के घोल का लाभ

गोबर का उपयोग खेती में सदियों से किया जाता रहा है। कीट नियंत्रण के लिए गोबर का पतला घोल एक बेहतरीन घरेलू उपाय माना जाता है। इसके लिए ताजे गोबर को पानी में अच्छी तरह घोलकर छान लें और इस घोल का छिड़काव पौधों की लताओं और पत्तियों पर करें। यह उपाय कीटों को दूर रखने में मदद करता है और पौधों को अतिरिक्त पोषण भी देता है। नियमित अंतराल पर इसका प्रयोग करने से फसल लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।

जड़ में लगने वाले कीटों से बचाव

कई बार कीट केवल पत्तियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पौधों की जड़ों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। जड़ में कीट लगने से पौधा अचानक मुरझाने लगता है। ऐसे में पौधे के आसपास की मिट्टी को हल्का सा खोद दें और जड़ों को कुछ समय के लिए खुला छोड़ दें ताकि धूप और हवा लग सके। इसके बाद जड़ों के पास हल्का सा चुना डाल दें। इससे मिट्टी में मौजूद हानिकारक कीट खत्म हो जाते हैं और पौधा फिर से स्वस्थ होने लगता है।

उत्पादन और मुनाफा बढ़ाने का सरल तरीका

इन घरेलू उपायों को अपनाने से न केवल कीटों से राहत मिलती है, बल्कि पौधों की फलन क्षमता भी बढ़ती है। जब पौधा स्वस्थ रहता है, तो सब्जियों का आकार, रंग और स्वाद भी बेहतर होता है। किसान बिना अतिरिक्त खर्च किए अच्छी पैदावार ले सकते हैं। इसके साथ ही रासायनिक दवाइयों पर निर्भरता कम होने से खेती ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनती है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित उपाय

घरेलू तरीकों से किया गया कीट नियंत्रण पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और लाभकारी कीटों को नुकसान नहीं पहुंचता। साथ ही, ऐसी सब्जियां खाने से स्वास्थ्य पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यही कारण है कि आज के समय में प्राकृतिक और घरेलू उपायों की ओर किसानों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है।

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