AGRICULTURE

Farming Tips: अब बारिश से बर्बाद नहीं होंगी सब्जियां, बस करें ये तगड़ा काम

Farming Tips: फरीदाबाद के पास दयालपुर गांव में खेती एक परंपरा से विकसित होकर तकनीक और सोच का मिश्रण बन गई है। गांव के किसान दीपक ने अपनी जमीन पर अनोखे तरीके से करेला और तोरी की खेती की है। खेत में जमीन पर सब्जियां उगाने की बजाय उन्होंने जाल पर सब्जियां उगाई हैं। इसका फायदा यह हुआ है कि फसल की गुणवत्ता (Crop Quality) बढ़ गई है और मकौड़ों और कीड़ों का असर कम हुआ है। जाल पर उगाई गई सब्जियां बारिश के मौसम में सुरक्षित रहती हैं, जबकि जमीन पर लगाई गई फसल सड़ जाती है।

Farming tips

खेती शुरू करने के लिए जाल लगाया

दीपक ने बताया कि वह विप्रो में काम करता है और पेशे से आईटी विशेषज्ञ (IT Specialist) है। घर से ही काम करने के कारण वह खेती के लिए समय निकाल लेता है। दीपक ने बताया कि मैं किसान परिवार में पला-बढ़ा हूं, इसलिए मेरा मानना ​​है कि मेरी पढ़ाई का फायदा किसानों को भी मिलना चाहिए। इसके चलते मैं खेती में कुछ और करने के बारे में हमेशा सोचता रहता हूं। बांस से जाल बनाकर उसने एक एकड़ में करेला और तोरी लगाई। जाल के नीचे की जमीन पर खीरा और चुकंदर भी लगाया है।

खेती के लिए जाल तकनीक का इस्तेमाल करने के क्या फायदे हैं?

दीपक ने बताया कि हापुड़ में कई तरह की खेती करने वाले उसके चाचा ने उसे इस तरीके से खेती करने का आइडिया दिया। उसका दावा है कि जाल लगाने से मजदूरी कम लगती है और बारिश से फसल खराब नहीं होती। इस सिस्टम की कुल लागत करीब 65 हजार रुपये है। उसने बीज के बजाय पौधे लगाए और फसल में कोई रासायनिक खाद या कीटनाशक (Chemical Fertilizers or Pesticides) नहीं डाला।

बिचौलिए मेहनत का फायदा उठाते हैं

फल मक्खियों को दूर रखने के लिए उन्होंने जाल बिछाए। दीपक का लक्ष्य किसान और उपभोक्ता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि किसान शुद्ध सब्जियां खरीद सके और उपभोक्ता को उसकी मेहनत का उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा, “मैं फरीदाबाद में एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना चाहता हूं, जिससे खेत से सीधे रसोई तक ताजी और जैविक सब्जियां (Organic Vegetables) पहुंचाई जा सकें।” कुछ समय पहले बाजार में तोरी का भाव 7 से 10 रुपये प्रति किलोग्राम था, लेकिन अब यह 35 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम है। दीपक के अनुसार, बाजार से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को नहीं, बल्कि बिचौलियों को होता है। मैं चाहता हूं कि यह असमानता खत्म हो।

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