Apple Farming: 48 डिग्री तापमान में सेब की खेती कर किसान ने किया कमाल
Apple Farming: मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक किसान ने सेब की खेती की है। बुंदेलखंड के नौगांव जिले के नेगुवां टोले में गिरिजा प्रसाद पाठक ने जो सेब का पेड़ लगाया था, वह सफलतापूर्वक बड़ा हो गया है। गिरिजा प्रसाद ने ऑनलाइन रिसर्च (Online Research) करने के बाद चार साल पहले बाहर से सेब के पांच पेड़ खरीदे थे। इनमें से तीन पौधे अब साल भर फल दे रहे हैं।

गिरिजा प्रसाद के बेटे रिंकू पाठक के अनुसार, पांच में से दो पौधे सूख गए हैं, लेकिन तीन तैयार हैं। इन तीनों पौधों में सेब के फल भी लग रहे हैं। रिंकू के अनुसार, सेब के पेड़ों में फल लगने (Fruit Bearing) में करीब एक साल लग गया। पिछले तीन सालों से सेब के पौधे फल दे रहे हैं। इस बार सबसे ज्यादा फल आए हैं। लेकिन कुछ ही दिनों में फल अपने छोटे आकार से बड़े हो जाएंगे। उनके पिता को पौधे बेहद प्यारे हैं। उनकी मेहनत रंग लाई है, क्योंकि अब बुंदेलखंड में उगाए जाने वाले सेब हमारे पास हैं।
200 और पौधे लगाने की तैयारी
बुंदेलखंड की जलवायु में सेब उगाएं: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर ठंडे राज्यों में से हैं, जहां सेब अक्सर खूब फलते-फूलते हैं। लेकिन अपनी लगन और मेहनत की बदौलत गिरिजा प्रसाद पाठक ने बुंदेलखंड की तपती धरती पर सेब के पेड़ उगाने का चुनौतीपूर्ण काम सफलतापूर्वक (Successfully) पूरा कर लिया है। छतरपुर में गर्मियों के आठ महीनों से ज़्यादा समय में खजुराहो और नौगांव जैसे शहरों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा हो सकता है। ट्रायल के तौर पर किसान ने सेब के पांच पौधे लगाए हैं, लेकिन अभी से ही वह 200 और पौधे लगाने की तैयारी कर रहा है। उसके मुताबिक, पांच में से तीन पौधे तैयार होने पर 200 पौधे तैयार हो सकते हैं।

