PMKisanScheme – बड़ी अपडेट! 22वीं किस्त से पहले अनिवार्य है किसान आईडी
PMKisanScheme – केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में Direct Benefit Transfer के जरिए तीन बराबर किस्तों में भेजी जाती है। नवंबर 2025 में 21वीं किस्त जारी की जा चुकी है, जबकि 22वीं किस्त फरवरी से मार्च 2026 के बीच आने की संभावना है। हालांकि, अगली किस्त पाने से पहले किसानों को एक नई अनिवार्य प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

किसान पहचान पत्र अब जरूरी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आगामी किस्त से पहले किसान पहचान पत्र बनवाना अनिवार्य होगा। यह पहचान पत्र किसान रजिस्ट्री का हिस्सा है, जिसे Agristack पहल के तहत तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद देशभर के वास्तविक किसानों का प्रमाणित डेटाबेस तैयार करना है, ताकि योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे। बिना किसान आईडी के भुगतान में अड़चन आ सकती है।
फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने की पहल
किसान पहचान पत्र लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है। अधिकारियों के अनुसार, इससे भूमि रिकॉर्ड और लाभार्थियों की पहचान का मिलान करना आसान होगा। इससे ऐसे मामलों पर रोक लगेगी, जहां अपात्र लोग योजना का लाभ ले रहे थे। नए नियम के तहत केवल सत्यापित भूमिधारक किसानों को ही 2,000 रुपये की किस्त जारी की जाएगी।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी अनिवार्य
किसान आईडी बनवाने के बाद भी एक और जरूरी कदम है, वह है e-KYC पूरा करना। जिन किसानों ने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से बेहद सरल है। किसान आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आधार नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर की मदद से ओटीपी के जरिए सत्यापन कर सकते हैं। कुछ ही मिनटों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है। समय पर e-KYC कराने से भुगतान में देरी की संभावना कम हो जाती है।
कैसे जांचें अपनी स्थिति
योजना का लाभ लगातार मिलता रहे, इसके लिए किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी किसान आईडी और e-KYC दोनों अपडेट हैं। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर विवरण दर्ज कर स्थिति की जांच की जा सकती है। अगर किसी कारणवश किस्त खाते में नहीं पहुंचती है या देरी होती है, तो किसान हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। संबंधित सहायता सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध है।
22वीं किस्त का महत्व
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली 2,000 रुपये की राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए यह राशि सहायक होती है। खासकर फसल सीजन के दौरान यह आर्थिक सहायता राहत का काम करती है। ऐसे में अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं समय रहते पूरी कर लें, ताकि 22वीं किस्त बिना किसी रुकावट के मिल सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में कदम
किसान पहचान पत्र और e-KYC की अनिवार्यता को ग्रामीण क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक समय पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सत्यापन प्रणाली से भविष्य में अन्य कृषि योजनाओं का क्रियान्वयन भी अधिक प्रभावी हो सकेगा।

