Namo Drone Didi Yojana: महिलाएँ अब आसमान से करेंगी खेती की निगरानी, बदलेंगी ग्रामीण भारत की तस्वीर
Namo Drone Didi Yojana: 30 नवंबर 2024 को केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च की गई थी। यह योजना DAY-NRLM के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को ड्रोन तकनीक से लैस करने के लिए बनाई गई है। कुल 1,261 करोड़ रुपये के बजट के साथ, योजना का लक्ष्य 2024-25 से 2025-26 तक 14,500 महिला SHGs को लाभान्वित करना है। इस पहल के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा सकती हैं, बल्कि ग्रामीण कृषि सेवा क्षेत्र में सशक्त भूमिका निभा सकती हैं।

योजना का उद्देश्य
Namo Drone Didi Yojana का मुख्य उद्देश्य महिला SHGs को ड्रोन तकनीक से सशक्त बनाना है। इससे महिलाएं कृषि सेवाओं के लिए ड्रोन किराए पर उपलब्ध करा सकती हैं, जैसे कि तरल उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक में प्रशिक्षित करके उनकी व्यावसायिक क्षमता बढ़ाने का काम करती है।
सहयोग और संचालन ढांचा
यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, उर्वरक विभाग और प्रमुख उर्वरक कंपनियों (LFC) के सहयोग से संचालित होती है। राज्य सरकारें योजना की निगरानी करेंगी और महिला SHGs को 2,000-2,500 एकड़ भूमि का प्रबंधन करने में मार्गदर्शन प्रदान करेंगी। योजना का संचालन एक सशक्त निगरानी तंत्र के तहत होगा।
ड्रोन प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
चयनित SHGs की एक महिला सदस्य को 15 दिनों के प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा। इसमें 5 दिनों का अनिवार्य ड्रोन पायलट प्रशिक्षण और 10 दिनों का कृषि प्रशिक्षण शामिल होगा। एक अन्य सदस्य या परिवार का सदस्य ड्रोन सहायक के रूप में प्रशिक्षित होगा, जो ड्रोन के यांत्रिक और विद्युत उपकरणों का रखरखाव कर सके। प्रशिक्षण ड्रोन निर्माता के दिशानिर्देशों के अनुसार होगा
ड्रोन पैकेज और उपकरण
इस योजना के तहत महिला SHGs को ड्रोन के साथ एक विशेष पैकेज प्रदान किया जाएगा। इसमें बेसिक ड्रोन, स्टैंडर्ड बैटरी सेट, ड्रोन ले जाने वाला बॉक्स, फास्ट बैटरी चार्जर, कैमरा, एनीमोमीटर, पीएच मीटर, वारंटी और बीमा शामिल हैं। इसके अलावा, चार अतिरिक्त बैटरी सेट और प्रोपेलर सेट भी पैकेज में उपलब्ध होंगे। यह पैकेज सुनिश्चित करता है कि ड्रोन एक दिन में लगभग 20 एकड़ भूमि को कवर कर सके।
आर्थिक लाभ और वित्तीय सहायता
महिला SHGs को ड्रोन खरीद के लिए 80% तक केंद्रीय वित्तीय सहायता, अधिकतम 8 लाख रुपये तक प्रदान की जाएगी। शेष राशि CLF या SHG राष्ट्रीय कृषि अवसंरचना वित्तपोषण सुविधा (AIF) के तहत ऋण के रूप में ले सकती है। इस ऋण पर 3% की ब्याज सब्सिडी भी उपलब्ध है। इससे महिलाओं को ड्रोन सेवा व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहारा मिलता है।
सटीक कृषि और पर्यावरणीय लाभ
ड्रोन तकनीक उर्वरकों और कीटनाशकों के सटीक उपयोग को संभव बनाती है। उन्नत GPS और सेंसर तकनीक से लैस ड्रोन खेतों में समान और लक्षित छिड़काव करता है, जिससे रसायनों का अत्यधिक उपयोग कम होता है। यह किसानों के लिए लागत बचाता है और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव घटाता है।
फसल निगरानी और मिट्टी विश्लेषण
ड्रोन की मदद से महिलाएं खेतों का विश्लेषण कर सकती हैं, पानी की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान कर सकती हैं और सिंचाई प्रबंधन को बेहतर बना सकती हैं। यह तकनीक मिट्टी और फसल की स्थिति का डेटा इकट्ठा करके महिलाओं को खेती में वैज्ञानिक निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।
पात्रता और चयन प्रक्रिया
Namo Drone Didi Yojana के लिए पात्रता में DAY-NRLM के अंतर्गत प्रगतिशील महिला SHGs, कृषि गतिविधियों में संलग्न महिला समूह और योग्य महिला सदस्य शामिल हैं। राज्य स्तरीय समिति SHGs का चयन करेगी और ड्रोन पायलट एवं सहायक प्रशिक्षण के लिए महिलाओं को नामांकित करेगी। चयन के आधार पर SHGs को व्यवसायिक अवसर प्रदान किए जाएंगे।
ऑनलाइन आवेदन और भविष्य की योजना
अभी इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। भविष्य में SHGs इस योजना के माध्यम से स्थायी आजीविका और अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती है और कृषि पद्धतियों में क्रांति लाती है।
महत्व और ग्रामीण विकास में योगदान
Namo Drone Didi Yojana महिलाओं को कृषि उद्योग में सशक्त बनाती है। यह योजना SHGs के लिए स्थायी आय स्रोत प्रदान करती है, कृषि दक्षता में सुधार लाती है और ग्रामीण भारत में महिला उद्यमियों की नई पीढ़ी को प्रेरित करती है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और स्मार्ट खेती को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कदम है।

