Agriculture Scheme – राजस्थान में SC किसानों को कृषि यंत्रों पर मिल रही है सब्सिडी
Agriculture Scheme – राजस्थान सरकार प्रदेश के किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार की कृषि यंत्र अनुदान योजना अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे उनकी लागत कम होने के साथ-साथ उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की पहल
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक उपकरणों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। ट्रैक्टर से जुड़े यंत्र, बुवाई, जुताई और कटाई से संबंधित उपकरण किसानों की मेहनत कम करने के साथ समय की भी बचत करते हैं। सरकार का मानना है कि सही तकनीक के इस्तेमाल से खेती अधिक टिकाऊ और मुनाफे वाली बन सकती है।
अनुसूचित जाति वर्ग को मिलेगा विशेष लाभ
इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी की दर यंत्र के प्रकार और उसकी लागत के आधार पर तय की गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को भी आधुनिक उपकरण अपनाने का मौका मिलेगा, जो अब तक संसाधनों की कमी के कारण संभव नहीं हो पाता था।
आवेदन की अंतिम तिथि तय
धौलपुर जिले के कृषि अधिकारी कैलाश चंद शर्मा ने जानकारी दी है कि योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 फरवरी निर्धारित की गई है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि योजना का लाभ लेने से वंचित न रह जाएं। अंतिम तिथि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवेदन की प्रक्रिया को सरल रखा गया है। इच्छुक किसान राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा जिन किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई होती है, वे नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। वहां उपलब्ध कर्मचारी किसानों को फॉर्म भरने और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने में सहायता करते हैं।
खेती की लागत घटाने पर जोर
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक यंत्रों के इस्तेमाल से खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। मजदूरी पर निर्भरता कम होती है और काम समय पर पूरा हो पाता है। इससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है। सरकार की यह योजना इसी दिशा में एक व्यावहारिक कदम मानी जा रही है।
उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी योजना
कृषि विभाग के अनुसार, सही समय पर जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्य पूरे होने से फसलों का उत्पादन बेहतर होता है। सब्सिडी के माध्यम से किसानों को यंत्र उपलब्ध कराकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि छोटे और सीमांत किसान भी तकनीकी रूप से पीछे न रहें। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किसानों को दी गई जरूरी सलाह
अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले योजना से जुड़ी सभी शर्तों और पात्रता मानदंडों को ध्यान से पढ़ लें। आवश्यक दस्तावेज सही और पूरे होने चाहिए, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए। समय पर सही जानकारी के साथ किया गया आवेदन ही योजना का लाभ सुनिश्चित करेगा।
खेती को भविष्य के लिए तैयार करने का प्रयास
राजस्थान सरकार की यह पहल सिर्फ सब्सिडी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों को भविष्य की खेती के लिए तैयार करना है। तकनीक, संसाधन और सरकारी सहयोग के जरिए खेती को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में यह योजना एक अहम कदम मानी जा रही है।

